जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। विश्व व्यापार संगठन (WTO) भारत को पब्लिक स्टॉक से अनाज निर्यात की इजाजत दे सकता है। डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक गोजी ओकोंजो ने दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक फोरम में साफ तौर पर यह संकेत दिए। हाल ही में अमेरिका में आयोजित विश्व बैंक के एक कार्यक्रम में भी ओकोंजो ने डब्ल्यूटीओ की आगामी बैठक में भारत को पब्लिक स्टॉक से अनाज निर्यात की इजाजत दिए जाने की बात कही थी। अभी डब्ल्यूटीओ भारत को पब्लिक स्टॉक से अनाज निर्यात की इजाजत नहीं देता है। भारत भी पब्लिक स्टॉक से अनाज निर्यात की इजाजत दिए जाने की मांग करता रहा है। आगामी जून के दूसरे सप्ताह में जेनेवा में डब्ल्यूटीओ की मिनिस्टि्रयल सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है जिसमें वाणिज्य व उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भारत की तरफ से अपना पक्ष रखेंगे।

वैश्विक स्तर पर खाद्य सुरक्षा संकट को देखते हुए डब्ल्यूटीओ जून में होने वाले सम्मेलन में सभी देशों से खाद्य वस्तुओं के निर्यात पर लगी पाबंदी को हटाने के लिए कह सकता है ताकि दुनिया भर में चल रहे खाद्य संकट को दूर किया जा सके। विश्व आर्थिक फोरम के एक कार्यक्रम में डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक ने यह भी कहा वैश्विक स्तर पर होने वाला यह खाद्य संकट अगले साल तक जारी रह सकता है। इस वजह से ही डब्ल्यूटीओ भारत समेत अन्य देशों पर खाद्य वस्तुओं के निर्यात पर पाबंदी हटाने के लिए दबाव डाल सकता है।

डब्ल्यूटीओ के साथ जी-7 से जुड़े विकसित देश भी भारत पर गेहूं निर्यात पर पाबंदी हटाने के लिए दबाव डाल रहे है, लेकिन दावोस में विश्व आर्थिक फोरम के एक कार्यक्रम में गोयल ने यह साफ कर दिया अभी भारत का गेहूं निर्यात से पाबंदी हटाने का कोई इरादा नहीं है। गोयल ने कहा कि अगर अभी गेहूं निर्यात से पाबंदी हटाने से कालाबाजारी व जमाखोरी करने वालों के साथ सटोरियों को इसका फायदा मिलेगा। इसका फायदा जरूरतमंद देशों को नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर जरूरतमंद देशों को सस्ते दाम पर भारत गेहूं देने के लिए तैयार है। भारत ऐसे भी पड़ोसी मुल्कों के साथ अन्य जरूरतमंद देशों को सस्ते दाम पर अनाज देता रहा है।

Edited By: Manish Mishra