नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। आर्थिक मोर्चे पर सरकार के लिए अच्छी खबर है। अर्थव्यवस्था में औद्योगिक गतिविधियों का बैरोमीटर माने जाने वाले आइआइपी में जोरदार उछाल आया है। खनन, मैन्यूफैक्चरिंग और बिजली क्षेत्र के शानदार प्रदर्शन से औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आइआइपी) में इस साल जून में सात फीसद वृद्धि हुई है जो बीते पांच महीने में सर्वाधिक है। खास बात यह है कि जून में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और कैपिटल गुड्स का प्रदर्शन भी शानदार रहा है। इसका मतलब यह है कि अर्थव्यवस्था में मांग भी जोर पकड़ रही है और निवेश भी बढ़ रहा है।

केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) ने शुक्रवार को आइआइपी के आंकड़े जारी किए। सीएसओ ने पूर्व में जारी मई के आइआइपी वृद्धि के आंकड़े को 3.2 फीसद से संशोधित कर 3.9 फीसद कर दिया है। सीएसओ के मुताबिक चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में आइआइपी की दर पिछले साल समान अवधि के मुकाबले 5.2 फीसद रही है। आइआइपी अर्थव्यवस्था में औद्योगिक गतिविधियों का बैरोमीटर है। इससे पता चलता है कि अर्थव्यवस्था में औद्योगिक गतिविधियों में किस तरह उतार-चढ़ाव आ रहा है।

सीएसओ के अनुसार आइआइपी में मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र का योगदान 77.63 फीसद है। मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र में इस साल जून में 6.9 फीसद वृद्धि दर्ज की है जबकि एक साल पहले समान महीने में इसमें 0.7 फीसद की गिरावट आयी थी। त्यौहारी सीजन की शुरुआत और बेहतर मानसून से ग्रामीण बाजारों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। इसलिए आने वाले समय में इस क्षेत्र के उत्पादन में भी वृद्धि की और गुंजाइश बनेगी। इसी तरह बिजली क्षेत्र में जून में 8.5 फीसद की वृद्धि हुई है जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 2.1 फीसद था। खनन क्षेत्र में 6.6 फीसद वृद्धि हुई है जबकि पिछले साल जून में इसमें मात्र 0.1 फीसद वृद्धि हुई थी।

सीएसओ के अनुसार जून में कैपिटल गुड्स में 9.6 फीसद की वृद्धि दर्ज की गयी है। इससे पता चलता है कि अर्थव्यवस्था में निवेश की रफ्तार बढ़ रही है। इसी तरह कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ने 13.1 फीसद की वृद्धि दर्ज की है। यह अर्थव्यवस्था में जोर पकड़ती मांग को दर्शाती है।

Posted By: Surbhi Jain