नई दिल्ली, पीटीआइ। इस वर्ष दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून, 2021) के दौरान देश में सोने की मांग 19.2 फीसद बढ़ी है। हालांकि इसी अवधि में दुनियाभर में सोने की मांग पिछले वर्ष समान अवधि के मुकाबले लगभग सपाट रही है। व‌र्ल्ड गोल्ड काउंसिल (डब्ल्यूजीसी) ने एक रिपोर्ट में कहा है कि इस वर्ष अप्रैल-जून तिमाही के दौरान भारत में 76.1 टन सोने की मांग रही, जो बीते वर्ष समान अवधि में 63.8 टन रही थी।

डब्ल्यूजीसी ने कहा कि मूल्य के हिसाब से इस वर्ष अप्रैल-जून तिमाही के दौरान भारत में 23 फीसद बढ़ोतरी के साथ 32,810 करोड़ रुपये मूल्य के सोने की मांग रही। पिछले वर्ष समान अवधि में यह आंकड़ा 26,600 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि ठीक पिछली तिमाही के मुकाबले अप्रैल-जून में सोने की मांग 46 फीसद घट गई। वहीं, चालू कैलेंडर वर्ष की पहली छमाही (जनवरी-जून, 2021) में देश में सोने की मांग 157.6 टन रही, जो वर्ष 2019 की इसी अवधि के मुकाबले 46 फीसद और वर्ष 2015-2019 की पहली छमाहियों के औसत से 39 फीसद कम है।

डब्ल्यूजीसी के भारत में क्षेत्रीय सीईओ सोमसुंदरम पी आर ने कहा कि कोरोना संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के चलते 2021 की दूसरी तिमाही में क्षेत्रीय आधार पर लॉकडाउन लगाया गया, जबकि पिछले साल पूरे देश में सख्त लॉकडाउन लागू किया गया था। इस तिमाही के बेहतर रहने का कारण यह भी है कि व्यवसाय अधिक तैयार थे।

रिपोर्ट में कहा गया कि अप्रैल-जून तिमाही में सोने वैश्विक की मांग में पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले एक फीसद की गिरावट हुई और यह 955.1 टन रही।

हॉलमार्किंग अनिवार्य के बाद जौहरी उद्योग पर संकट

भारत में सोने की अनिवार्य हॉलमार्किंग प्रक्रिया शुरू होने के बाद इसमें कई दिक्कतें सामने आ रही हैं। GJC ने कहा कि सर्राफा कारोबारियों को क्षतिग्रस्त सोने के सामान के अलावा परख केंद्रों से हॉलमार्क वाले आभूषण पाने में देरी और सामानों पर आईडी सिस्टम प्रणाली लागू करने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 

Edited By: Nitesh