नई दिल्ली, पीटीआइ। मौजूदा वित्त वर्ष 2020-21 की तीसरी तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ 1.3 फीसद के साथ सकारात्मक रह सकती है। इससे पहले चालू वित्त वर्ष की पहली दो तिमाही में कोरोना वायरस महामारी के चलते जीडीपी ग्रोथ नकारात्मक रही थी। इसके बाद कोरोना संक्रमण के मामलों में गिरावट और मांग में आई बढ़ोत्तरी के चलते जीडीपी ग्रोथ सकारात्मक रह सकती है। एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। चालू वित्त वर्ष की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए सरकार शुक्रवार को जीडीपी के आंकड़े जारी करेगी। 

डीबीएस बैंक ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कैलेंडर वर्ष 2020 की अंतिम तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट सकारात्मक रहने की उम्मीद है। साथ ही बैंक ने कहा कि पूरे साल की जीडीपी ग्रोथ (-) 6.8 फीसद रह सकती है। डीबीएस ग्रुप की शोध अर्थशास्त्री राधिका राव ने कहा, 'कोरोना वायरस महामारी की स्थिति में तेजी से सुधार और मांग में वृद्धि, ये दो कारक हैं, जिनके चलते दिसंबर, 2020 तिमाही में जीडीपी ग्रोथ के लिए बेहतर संकेत मिले।'

यहां बता दें कि चालू वित्त वर्ष के दौरान भारत की जीडीपी ग्रोथ में पहली तिमाही में करीब 24 फीसद और दूसरी तिमाही में 7.5 फीसद का संकुचन देखा गया था।

डीबीएस की रिसर्च रिपोर्ट में कहा गया कि लॉकडाउन में ढील से घरेलू मांग में इजाफा हुआ और फिर त्योहारी सीजन में यह और बढ़ गई। विभिन्न सेक्टर्स की गतिविधियां फिर से शुरू हुईं और खपत में सुधार हुआ।

इकोनॉमिक सर्वे 2020-21 में अनुमान लगाया गया है कि अर्थव्यवस्था एक अप्रैल से शुरू हो रहे आगामी वित्त वर्ष में 11 फीसद की दर से ग्रोथ करेगी। वहीं, भारतीय रिज़र्व बैंक ने आगामी वित्त वर्ष के लिए अर्थव्यवस्था में 10.5 फीसद की ग्रोथ रेट रहने का अनुमान जताया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का अनुमान है कि भारत साल 2021 में 11.5 फीसद की दर से ग्रोथ करेगा।

kumbh-mela-2021

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप