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भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने फिर लगाई दहाड़, 740 बिलियन डॉलर के ऑल-टाइम हाई पर पहुंचा; अब भागेगा शेयर बाजार?

By IANSEdited By: Gyanendra Tiwari
Published: Fri, 04 Sep 2026 06:24 PM (IST)

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 28 अगस्त को समाप्त सप्ताह में 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर 740.803 बिलियन डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुँच गया है।

विदेशी मुद्रा भंडार 740.803 बिलियन डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर।

विदेशी मुद्रा भंडार 740.803 बिलियन डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर।

HighLights

  1. विदेशी मुद्रा भंडार 740.803 बिलियन डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर।

  2. एक सप्ताह में 11.475 बिलियन डॉलर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई।

  3. इस वृद्धि से भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक असर की संभावना।

आईएएनएस, नई दिल्ली। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 28 अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह में 11.475 बिलियन डॉलर बढ़कर अब तक के सबसे उच्चतम स्तर (ऑल-टाइम हाई) 740.803 बिलियन डॉलर (India foreign reserves) पर पहुंच गया है। यह जानकारी शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी किए गए डेटा में दी गई।

इस खबर का असर अब भारत के शेयर बाजार में भी देखने को मिल सकता है। आज बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ। सोमवार को भी भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है।

इससे पहले विदेशी मुद्रा भंडार का ऑल-टाइम हाई 729.328 बिलियन डॉलर था, जो कि 21 अगस्त को समाप्त हुए हफ्ते में दर्ज किया गया था।

आरबीआई के डेटा के मुताबिक, 28 अगस्त को समाप्त हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक फॉरेन करेंसी एसेट्स (एफसीए) की वैल्यू 9.337 बिलियन डॉलर बढ़कर 600.670 बिलियन डॉलर हो गई है।

एफसीए में डॉलर के साथ दुनिया की कई अहम वैश्विक मुद्राएं जैसे येन, यूरो और पाउंड होती हैं, जिनकी वैल्यू को डॉलर में दिखाया जाता है।

गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में भी इजाफा

इस दौरान, विदेशी मुद्रा भंडार के दूसरे सबसे बड़े घटक गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 2.191 बिलियन डॉलर बढ़कर 116.409 बिलियन डॉलर हो गई है। आरबीआई के अनुसार, 28 अगस्त को समाप्त हुए हफ्ते में एसडीआर की वैल्यू 43 मिलियन डॉलर घटकर 18.810 बिलियन डॉलर रही है।

वहीं, भारत की आरबीआई में रिजर्व पॉजिशन 11 मिलियन डॉलर घटकर 4.914 बिलियन डॉलर पर पहुंच गई है। देश के विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ने की वजह डॉलर आकर्षित करने की लिए आरबीआई की ओर से शुरू की गई स्कीमों को माना जा रहा है, जिसके तहत देश में करीब 136 बिलियन डॉलर से अधिक का फंड आया है। किसी भी देश के लिए उसका विदेशी मुद्रा भंडार काफी महत्वपूर्ण होता है, और इससे उस देश की आर्थिक स्थिति का पता लगता है।

इससे अलावा, यह मुद्रा की विनिमय दर को स्थिर रखने में बड़ी भूमिका निभाता है। उदाहरण के लिए अगर किसी स्थिति में डॉलर के मुकाबले रुपए पर अधिक दबाव देखने को मिलता है और उसकी वैल्यू कम होती है तो केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल कर डॉलर के मुकाबले रुपए को गिरने से रोक सकता है और विनिमय दर को स्थिर रखता है।

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