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India-EU FTA: सस्ते होंगे कपड़े, खाने का तेल, शराब समेत ये चीजें; कई सामानों पर 0 टैरिफ

Published: Tue, 27 Jan 2026 01:55 PM (IST)Updated: Tue, 27 Jan 2026 03:19 PM (IST)

भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच (India EU FTA) ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट फाइनल हो गया है। इसे 'मदर ऑफ ...और पढ़ें

भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच आखिरकार ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) फाइनल हो गया है।

भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच आखिरकार ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) फाइनल हो गया है।

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संक्षेप में पढ़ें

नई दिल्ली। भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच आखिरकार ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) फाइनल हो गया है। इसे यूरोपीय नेता ''मदर ऑफ डील्स'' यानी सबसे बड़ा ट्रेड समझौता बता रहे हैं। यह डील करीब 2 अरब लोगों के लिए एक विशाल फ्री ट्रेड जोन बनाती है और आने वाले सालों में भारत की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की खरीदारी दोनों पर असर डाल सकती है।

और खाने का तेल सस्ता होगा?

इस समझौते के तहत भारत ने यूरोप से आने वाले कई उत्पादों पर टैक्स (टैरिफ) कम या खत्म करने का वादा किया है। यूरोप से आने वाले फ्रूट जूस, प्रोसेस्ड फूड, ऑलिव ऑयल, मार्जरीन और अन्य वेजिटेबल ऑयल पर टैरिफ घटेगा या खत्म होगा। इससे ये इंपोर्टेड खाने-पीने की चीजें भारत में सस्ती हो सकती हैं। कपड़े और फैशन प्रोडक्ट्स भी सस्ते हो सकते हैं। खासकर यूरोपीय ब्रांड्स के होंगे।

निर्यात श्रेणी कुल मूल्य (अमेरिकी डॉलर) मुख्य उप-श्रेणियां / विवरण
पेट्रोलियम उत्पाद $15.0 बिलियन
डीजल: $9.3 बिलियन एटीएफ (विमान ईंधन): $5.4 बिलियन
इलेक्ट्रॉनिक्स $11.3 बिलियन स्मार्टफोन: $4.3 बिलियन
कार्बनिक रसायन $5.1 बिलियन -
मशीनरी, कंप्यूटर $5.0 बिलियन टर्बोजेट: $756 मिलियन
लोहा और इस्पात $4.9 बिलियन -
कपड़ा और परिधान $4.5 बिलियन
लड़कियों के सूट: $4.5 बिलियन* मेड अप्स: $1.2 बिलियन
दवा (फार्मास्यूटिकल्स) $3.0 बिलियन -
रत्न और आभूषण $2.5 बिलियन हीरे: $1.6 बिलियन
ऑटो पार्ट्स $1.6 बिलियन -
टायर $890 मिलियन -
जूते-चप्पल $809 मिलियन -
कॉफी $775 मिलियन -

यह भी पढ़ें:-क्या होता है FTA, आम आदमी को भी इससे मिलता है फायदा? किन देशों के साथ अब तक हुआ समझौता

शराब पर भी बड़ा बदलाव

अब तक यूरोप की शराब और स्पिरिट्स पर भारत में 150% तक टैक्स लगता था। नई डील के बाद यह घटकर लगभग 40% के आसपास आ सकता है। इससे विदेशी शराब (वाइन, व्हिस्की) भारत में काफी सस्ती हो सकती है और प्रीमियम लिक्कर मार्केट (premium liquor market) को बड़ा फायदा मिलेगा।

96.6% यूरोपीय सामानों पर टैरिफ कट

EU के मुताबिक इस समझौते के तहत भारत ने 96.6% यूरोपीय exports पर टैक्स हटाने या कम करने का वादा किया है। इससे यूरोपीय कंपनियों को हर साल करीब 4 यूरो अरब टैक्स बचत होगी। EU को उम्मीद है कि 2032 तक उसका भारत में एक्सपोर्ट दोगुना हो जाएगा।

Our states are set to reap big benefits from the

Climate और ग्रीन एनर्जी के लिए फंडिंग

यह डील सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है। EU ने भारत को ग्रीन इंडस्ट्री और कार्बन कम करने के लिए करीब €500 मिलियन फंडिंग देने की योजना बनाई है। इसका मकसद भारत को सस्टेनेबल इंडस्ट्रीज और क्लिन एनर्जी में मदद करना है।


भारत EU को क्या-क्या एक्सपोर्ट करता है?

  • पेट्रोलियम उत्पाद (डीजल, ATF)
  • स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स
  • कपड़ा और गारमेंट्स
  • केमिकल, स्टील, मशीनरी
  • फार्मा, ज्वेलरी, ऑटो पार्ट्स

FTA से भारतीय कंपनियों को यूरोप में आसान और सस्ता मार्केट मिलेगा, जिससे एक्सपोर्ट बढ़ सकता है।

चिंता की बात क्या है?

हर चीज अच्छी ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है। इससे घरेलू उद्योग पर दबाव होगा। यूरोप की कारें, मशीनरी, शराब और लग्जरी गुड्स सस्ते होंगे, जिससे भारतीय कंपनियों को कड़ी प्रतिस्पर्धा मिलेगी। अगर प्रोसेस्ड फूड और खाने का तेल ज्यादा इंपोर्ट हुआ, तो घरेलू किसानों और तेल उद्योग को नुकसान हो सकता है। अगर भारत ज्यादा इंपोर्ट करेगा और एक्सपोर्ट कम बढ़ा, तो व्यापार घाटा बढ़ सकता है।

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