अब विदेशों से नहीं होगी क्रूड ऑयल मंगाने की जरूरत? भारत में मिला 24 करोड़ बैरल तेल का भंडार, ONGC शुरू करेगा ड्रिलिंग
देश के पूर्वोत्तर इलाके में 24 करोड़ बैरल कच्चे तेल का विशाल भंडार मिला है, जिससे भारत की तेल आयात ...और पढ़ें

भारत में मिला 24 करोड़ बैरल तेल का भंडार (सांकेतिक तस्वीर)
HighLights
अशोकनगर में 24 करोड़ बैरल तेल भंडार की खोज।
भारत की कच्चे तेल आयात निर्भरता होगी कम।
ओएनजीसी जल्द शुरू करेगा वाणिज्यिक उत्पादन।
नई दिल्ली| अमेरिका-ईरान (west asia war) के बीच चल रहे युद्ध के चलते ईरान ने फारस की खाड़ी से गुजरने वाले प्रमुख तेल के रास्ते को बंद कर दिया। स्ट्रेट ऑफ हार्मुज बंद होने का सबसे बड़ा असर भारत को उठाना पड़ा, क्योंकि भारत दुनिया का सबसे बड़ा क्रूड ऑयल इंपोर्ट करने वाला देश है।
तेल की सप्लाई बाधित होने और क्रूड ऑयल की कीमत में तेज उछाल के बीच भारत के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। पश्चिम बंगाल का एक छोटा कस्बा 'अशोकनगर' भारत के पेट्रोल-डीजल के संकट को खत्म करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
बंगाल में मिला ऑयल फील्ड
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में स्थित एक छोटा साकस्बा अशोक नगर है। यहां बहुत जल्द कच्चे तेल का कॉमर्शियल प्रोडक्शन शुरू होने जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स से मुताबिक साल 2018 में ONGC ने इस तेल क्षेत्र की खोज की थी।
24 करोड़ बैरल तेल का भंडार
अशोकनगर में मिला ये ऑयल फील्ड पूर्वी भारत का पहला ऐसा क्षेत्र है, जहां इतनी बड़ी मात्रा में तेल और प्राकृतिक गैस के भंडार मिले हैं। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, अशोकनगर की इस जमीन के नीचे 24 करोड़ बैरल से ज्यादा कच्चा तेल मिल सकता है। उम्मीद जताई जा रही है कि यहां पर काम शुरू होने से कच्चे तेल का इंपोर्ट की निर्भरता में काफी कमी आएगी।
प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए हलचल तेज
क्रूड ऑयल की आसमान छूती कीमतों और आपूर्ति संकट के बीच अशोकनगर के इस प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए केंद्र सरकार ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर प्रयास तेज कर दिए हैं। बीते दिनों भाजपा सांसद शमिक भट्टाचार्य ने दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। इस मुलाकात में पश्चिम बंगाल की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने और अशोकनगर तेल क्षेत्र में तुरंत उत्पादन शुरू करने को लेकर बातचीत हुई।
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चुनावी विवादों लगा था प्रोजेक्ट पर ब्रेक
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस ऑयल फील्ड में तेल निकालने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो सकती थी, लेकिन इसमें कुछ स्थानीय समस्याओं और विधानसभा चुनावों से पहले स्थानीय विवादों और विरोध के कारण ओएनजीसी को यहां ड्रिलिंग का काम रोकना पड़ा था। राज्य में नई सरकार और केंद्र के सख्त रुख के बाद अब ONGC के सामने आने वाली समस्याएं लगभग खत्म हो गई हैं। जल्द ही एक्सट्रैक्शन की तैयारी है।
