BRICS के खत्म होते ही कच्चे तेल पर भारत-चीन की बड़ी तैयारी, हरदीप पुरी से मिले पेट्रोलियम कंपनी के चीनी अधिकारी
नई दिल्ली में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने चीन की CNPC के चेयरमैन दाई होउलियांग से मुलाकात की, जहाँ ...और पढ़ें

भारत-चीन ऊर्जा सहयोग पर बड़ी तैयारी: हरदीप पुरी और CNPC चेयरमैन की मुलाकात
HighLights
हरदीप पुरी ने CNPC चेयरमैन दाई होउलियांग से मुलाकात की।
भारत-चीन ने ऊर्जा सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
तेल, गैस और नई ऊर्जा पर मिलकर काम करने पर सहमति।
नई दिल्ली। सोमवार को नई दिल्ली में चीन की एक बड़ी तेल कंपनी के अधिकारी ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से मुलाक़ात की, जिसमें भारत और चीन ने एनर्जी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।
CNPC के हवाले से सरकारी मीडिया ने बताया कि चीन नेशनल पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (CNPC) के चेयरमैन दाई होउलियांग ने नई दिल्ली में पुरी से मुलाक़ात की और दोनों पक्षों ने एनर्जी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया।
यह मुलाकात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच पिछले शनिवार को हुई बैठक के बाद हुई है।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम एशिया में संकट गहरा रहा है और हूथी विद्रोही सऊदी अरब की तेल सुविधाओं पर हमले बढ़ा रहे हैं। चीन और भारत कच्चे तेल के दो सबसे बड़े आयातक देश हैं।
बैठक में बोलते हुए दाई ने कहा कि हाल के वर्षों में चीन और भारत के नेताओं के बीच कई बार मुलाक़ात हुई है और वे एक-दूसरे को पार्टनर और विकास के मौक़े के तौर पर देखने पर अहम सहमति पर पहुँचे हैं। इससे द्विपक्षीय संबंधों को दिशा मिली है और एनर्जी सेक्टर में गहरे व्यावहारिक सहयोग के लिए मज़बूत आधार तैयार हुआ है।
सरकारी अख़बार 'ग्लोबल टाइम्स' ने दाई के हवाले से कहा कि CNPC दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी अहम सहमति को लागू करने, बातचीत और तालमेल को मज़बूत करने और तेल व गैस, नई एनर्जी, और ग्रीन व कम-कार्बन वाले विकास में सहयोग के और मौक़े तलाशने के लिए भारतीय पक्ष के साथ काम करने को तैयार है।
दाई ने कहा कि दोनों पक्ष ग्लोबल एनर्जी गवर्नेंस में अपनी आवाज़ और प्रभाव बढ़ाने और ग्लोबल एनर्जी मार्केट में स्थिरता और टिकाऊ विकास में योगदान देने के लिए भी मिलकर काम कर सकते हैं।
चीन की इस बड़ी तेल और गैस कंपनी के प्रमुख ने भारतीय पक्ष के साथ बातचीत और तालमेल को मज़बूत करने और तेल व गैस, नई एनर्जी, और ग्रीन व कम-कार्बन वाले विकास में सहयोग के और मौक़े तलाशने की इच्छा भी जताई।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्ष इंटरनेशनल एनर्जी गवर्नेंस में अपनी आवाज़ और प्रभाव बढ़ाने और ग्लोबल एनर्जी मार्केट में स्थिरता और टिकाऊ विकास में योगदान देने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं।
इस बैठक में भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय, ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के अधिकारी और एग्जीक्यूटिव भी शामिल हुए।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब एनर्जी के क्षेत्र में सहयोग BRICS एजेंडे का एक अहम हिस्सा बन गया है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी 'शिन्हुआ' की रिपोर्ट के अनुसार, हाल ही में नई दिल्ली में हुए 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में नेताओं ने एक संयुक्त घोषणापत्र अपनाया। इसमें ऊर्जा सुरक्षा को सामाजिक-आर्थिक विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और सभी देशों की भलाई के लिए एक अहम आधार माना गया और संबंधित अंतरराष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक वैश्विक व्यापार, सप्लाई चेन और ऊर्जा के सुचारू प्रवाह को सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।
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एजेंसी इनपुट के साथ
