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विदेशों से फ्यूल खरीदने वाला भारत केमिकल-पेट्रोकेमिकल सेक्टर में करेगा झंडा बुलंद!1.6 ट्रिलियन डॉलर का सेक्टर बनाने का प्लान रेडी

Published: Sun, 25 Oct 2026 08:41 PM (IST)

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने इंडिया केम-2026 में बताया कि भारत का केमिकल और पेट्रोकेमिकल सेक्टर 2047 तक 1.6 ट्रिलियन ...और पढ़ें

इंडिया केम-2026 में पहुंचे जेपी नड्डा

इंडिया केम-2026 में पहुंचे जेपी नड्डा

HighLights

  1. 1.6 ट्रिलियन डॉलर केमिकल-पेट्रोकेमिकल बाजार का लक्ष्य।

  2. इंडिया केम-2026 में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने घोषणा की।

  3. विकसित भारत के लक्ष्य में अहम भूमिका निभाएगा यह क्षेत्र।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। अब देश के केमिकल और पेट्रोकेमिकल सेक्टर का बाजार 1.6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। फिलहाल इस सेक्टर का बाजार करीब 220 अरब डॉलर का है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बीते दिनों मुंबई में आयोजित इंडिया केम-2026 कार्यक्रम में यह बात कही। नड्डा के मुताबिक केमिकल और पेट्रोकेमिकल सेक्टर भारत की अर्थव्यवस्था को गति देने की काफी क्षमता रखता है। यह तेजी से उभरता हुआ सेक्टर है और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा होंने कहा कि देश की लॉन्गटर्म आर्थिक महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए केमिकल उद्योग का विकास बेहद जरूरी है।

भारत-जापान सहयोग पर जोर

इंडिया केम-2026 में जापान पार्टनर देश रहा। यह केमिकल और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में भारत और जापान के बीच मजबूत व्यापारिक संबंधों को दर्शाता है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित CEO फोरम में उद्योग की कॉम्पटीशन कैपाबिलिटी बढ़ाने और भारत को ग्लोबल लेवल पर केमिकल और पेट्रोकेमिकल प्रोडक्शन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने पर चर्चा हुई।

भारत और विदेशों से आए उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने सेक्टर के सामने मौजूद अवसरों और चुनौतियों पर विचार किया। इसमें इन्वेस्टमेंट बढ़ाने, उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया।

भारत-जापान, भारत-अमेरिका और भारत-यूरोपीय संघ केमिकल एवं पेट्रोकेमिकल फोरम की बैठकों में व्यापार, इन्वेस्टमेंट और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

5000 से अधिक विदेशी देशों के लोग हुए शामिल

आयोजकों के मुताबिक, तीन दिवसीय इंडिया केम-2026 कार्यक्रम में 5,000 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। इसमें जापान, अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ के सदस्य देशों, लैटिन अमेरिकी देशों, दक्षिण कोरिया और आसियान देशों के डेलिगेशन शामिल हुए।

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इस कार्यक्रम का आयोजन रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) ने संयुक्त रूप से किया। इसमें सरकारी अधिकारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने निवेश के अवसरों, रेगुलेटरी व्यवस्था और सेक्टर से जुड़ी रणनीतिक चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया।

स्पेशियलिटी केमिकल और टिकाऊ विकास पर चर्चा

'एडवांटेज भारत: एक उभरता ग्लोबल केमिकल हब' थीम के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में स्पेशियलिटी केमिकल, केमिकल और पेट्रोकेमिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि रसायन, पर्यावरण, प्लांट मशीनरी, पंप और वाल्व जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इन चर्चाओं का उद्देश्य उद्योग की समस्याओं की पहचान करना और सेक्टर की तेज वृद्धि के लिए जरूरी उपाय तलाशना था। देश के केमिकल और पेट्रोकेमिकल सेक्टर का बाजार 2040 तक बढ़कर 1 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक करीब 1.6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य है।