नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। आयकर विभाग ने गुरुवार को पैन इंडिया एक सूची जारी की है। इनमें डिफॉल्ट करने वाले 24 व्यक्ति और कंपनियां है जिनपर टैक्स के रूप में 490 करोड़ रुपये की देनदारी बनती है। लेकिन ये या तो पकड़ से बाहर हैं या फिर इन्होंने बकाया के भुगतान के लिए अपर्याप्त परिसंपत्ति का हवाला दिया है। विभाग ने एक नेम एंड शेम डिफॉल्टर्स पॉलिसी के तहत तमाम अखबारों में एक विज्ञापन जारी किया है। इसका शीर्षक है लिस्ट ऑफ डिफॉल्टर्स ऑफ इनकम टैक्स एंड कॉरपोरेट टैक्स है।

दिल्ली के इनकम टैक्स के प्रिंसिपल डायरेक्टर जनरल के नोडल ऑफिस ने नोटिस जारी किया है, इसमें सभी डिफॉल्टर्स से तुरंत प्रभाव से कर अदा करने के लिए कहा है। सार्वजिनक घोषणा में कंपनी या इंडिविज्युल की पहचान, कंपनी के डायरेक्टर्स व पार्टनर्स के नाम, कंपनी के इनकॉरपोरेशन की तारीख या फिर इंडिविज्युल के केस में जन्म तिथि, उनके पर्मानेंट एकाउंट नंबर (पैन) या टैक्स डिडक्शन एकाउंट नंबर (टैन), उनका आखिरी सूचना के मुताबिक पता और बिजनेस प्रोफाइल, डिफॉल्ट की गई राशि, आंकलन वर्ष और संबंधित अधिकार क्षेत्र का IT प्राधिकरण के संबंध में जानकारी दी गई है।

ये डिफॉल्ट करने वाली कंपनियां फूड प्रोसेसिंग, बुलियन ट्रेडिंग, सॉफ्टवेयर, रियल एस्टेट, ब्रूअरीज और इनगोट आदि जैसे बिजनेस सेक्टर्स से हैं। 86.27 करोड़ रुपये का सबसे ज्यादा टैक्स बकाया दिल्ली की मैसर्स स्टॉक गुरु, इंडिया और उसके साझेदार लोकेश्वर देव कंपनी पर है। नोटिस में बताया गया है कि असेसी पकड़ से बाहर हैं और उनके पास आयकर भुगतान के लिए अपर्याप्त परिसंपत्ति हैं।

कोलकाता के अजरुन सोनकर पर 51.37 करोड़ रुपये टैक्स बाकी है। पश्चिम बंगाल के ही किशन शर्मा पर 47.52 करोड़ रुपये बाकी हैं। सूची में दर्ज करदाता अहमदाबाद, गुवाहाटी, विजयवाड़ा, नासिक, सूरत, दिल्ली, वड़ोदरा, कोलकाता और दूसरे शहरों के हैं।

Posted By: Surbhi Jain