नई दिल्ली, पीटीआइ। आयकर विभाग (Income Tax department) ने मान्यता प्राप्त प्रोविडेंट फंड्स (PF) को 'A' या इससे अधिक रेटिंग वाली डेट सिक्युरिटीज में निवेश करने की अनुमति दी है। इससे इन प्रोविडेंट फंड्स को लोन या बॉन्ड पत्रों की रेटिंग गिरने पर भी इनमें अपने मौजूदा निवेश को बरकरार रखने में मदद मिलेगी। गौरतलब है कि इससे पहले मान्यता प्राप्त प्रोविडेंट फंड ट्रस्ट्स के लिए 'एए' या उससे अधिक रेटिंग वाली सिक्युरिटीज में निवेश करने की अनुमति थी।

केद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा जारी एक अधिसूचना में आयकर नियमों में संशोधन किया गया है। इसके अनुसार, मान्यता प्राप्त प्रोविडेंट फंड ट्रस्ट को मौजूदा वित्त वर्ष में ए या इससे ऊंची रेटिंग की सिक्युरिटीज में निवेश की अनुमति है।

यहां बता दें कि मान्यता प्राप्त ईपीएफ कोष के लिए अपने कोष का 45 से 55 फीसद सरकारी प्रतिभूतियों, 35 से 45 फीसद ऋण (बांड या मियादी जमा), 0 से 5 फीसद लघु अवधि के लोन (मुद्रा बाजार, तरल कोष), 5 से 15 फीसद शेयरों और 0 से 5 फीसद संपत्ति आधारित सिक्युरिटीज (रीट्स, इनविट्स) में निवेश करना अनिवार्य होता है।

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नांगिया एंडरसन एलएलपी पार्टनर सुनील गिडवानी ने कहा, ‘मौजूदा परिस्थिति और लिक्विडिटी पर दबाव के कारण रेटिंग एजेंसियों ने कई ऋण पत्रों की रेटिंग कम की है। नियमों में परिवर्तन से पीएफ न्यासों को रेटिंग नीचे आने पर भी बांड में अपने मौजूदा निवेश को कायम रखने में मदद मिलेगी।'

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