नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संकेत दिया है कि सरकार अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने के लिए टैक्स में कटौती सहित कई अन्य उपायों पर विचार कर रही है। वित्त मंत्री ने कहा कि उनका ध्यान इस बात पर है कि इकोनॉमी को मजबूती देने के लिए अधिक-से-अधिक कदम उठाए जाएं। सीतारमण ने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजिक एक कार्यक्रम में कहा कि कर व्यवस्था को सरल बनाया जाएगा। वित्त मंत्री के रूप में उनके कामकाज की आलोचना पर सीतारमण ने कहा कि यह उनकी जॉब का हिस्सा है और वह इसे संभाल लेंगी। 

किसानों को मिले कीमतों में वृद्धि का लाभ

'लाइवमिंट' की एक रिपोर्ट के मुताबिक वित्त मंत्री ने एक कार्यक्रम के दौरान शनिवार को देशभर में प्याज की आसमान छूती कीमतों के संदर्भ में कहा कि कई मौकों पर किसी वस्तु का दाम बहुत अधिक बढ़ जाता है लेकिन सवाल ये है कि क्या इसका लाभ किसानों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बहस इस बात पर होनी चाहिए कि प्याज की कीमतों से किसानों को मदद मिल रही है या नहीं।

उन्होंने कृषि क्षेत्र के बारे में कहा कि एग्रीकल्चर को बूस्ट करने के लिए बहुत सारे काम किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई तरीकों से ऐसा किया जा रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि इसके बावजूद पर्याप्त इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं होने के कारण कृषि क्षेत्र को नुकसान हो रहा है। 

घर खरीददारों की मांगों पर है सरकार का ध्यान

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि घर खरीददारों की मांगें पूरी हो सकें। उन्होंने नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों के संदर्भ में कहा कि रिजर्व बैंक लगातार उनकी सेहत पर नजर रख रहा है और वह भी एनबीएफसी कंपनियों के संपर्क में हैं। 

सेस की अपर्याप्त वसूली

वित्त मंत्री ने कहा कि सेस के रूप में इकट्ठा राशि पर्याप्त नहीं है कि उससे राज्यों को 14 फीसद की क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार ने जीएसटी को सुव्यवस्थित करने की दिशा में काम किया है। उन्होंने जीएसटी को अच्छा कानून बताते हुए कहा कि भारत जैसे बड़े देश को ऐसे कर व्यवस्था की जरूरत है। उन्होंने जीएसटी लागू करने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व वित्त मंत्री अरूण जेटली को दिया।

Posted By: Ankit Kumar

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