नई दिल्ली, पीटीआइ। चालू वित्त वर्ष में देश के कुल कर संग्रह में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान 15 सितंबर तक देश के कुल कर संग्रह में एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में 22.5 फीसद की गिरावट रही है। कुल कर संग्रह एक अप्रैल से 15 सितंबर के बीच  2,53,532.3 करोड़ रुपये रहा है। इसमें दूसरी तिमाही के लिए अग्रिम कर संग्रह भी शामिल है। आयकर विभाग के एक सूत्र द्वारा बुधवार को यह जानकारी दी गई।

आयकर विभाग के एक सूत्र न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि बीते वित्त वर्ष में 15 सितंबर 2019 तक कुल कर संग्रह 3,27,320.2 करोड़ रुपये था। हालांकि, सूत्र ने मौजूदा तिमाही के लिए अग्रिम कर के आंकड़ों को अलग से बताने से इनकार कर दिया। सूत्र ने बताया कि यह आंकड़ा अभी अंतिम नहीं है, क्योंकि बैंक दिन के अंत तक इसमें परिवर्तन कर सकते हैं। 

मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही अर्थात अप्रैल से जून महीने के दौरान कुल कर संग्रह में 31 फीसद की गिरावट दर्ज की गई थी। इस अवधि में अग्रिम कर संग्रह में 76 फीसद की भारी गिरावट देखने को मिली। कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लागू किये गए देशव्यापी लॉकडाउन के चलते कर संग्रह में यह गिरावट देखी गई है।

कर संग्रह में आई कुल 22.5 फीसद गिरावट में सबसे बड़ा योगदान मुंबई का है। मुंबई से कर संग्रह में 13.9 फीसद की गिरावट आई है। मुंबई में सबसे बढ़ा कर आधार है। मुंबई का कुल राष्ट्रीय कर संग्रह में एक तिहाई से अधिक हिस्सा होता है। मुंबई कोरोना वायरस महामारी से बुरी तरह प्रभावित शहर भी है। देश की वित्तीय राजधानी मुंबई से कर संग्रह में 74,789.6 करोड़ रुपये की गिरावट आई है।  

सबसे बड़े कर संग्रह क्षेत्रों में बेंगलुरू केवल एक अकेला शहर है, जहां साल दर साल आधार पर कर संग्रह में बढ़ोत्तरी हुई है। यहां से कर संग्रह में 9.9 फीसद का इजाफा हुआ है। इस टेक सिटी ने देश के कुल कर संग्रह में 40,665.3 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। एक साल पहले यहां से कर संग्रह  36,986 करोड़ रुपये हुआ था।

सूत्रों के अनुसार कोच्चि ने इस बार कर संग्रह के मामले में सबसे खराब प्रदर्शन कर रहा है। यहां से कर संग्रह में 49 फीसद की गिरावट है। यहां से कर संग्रह मात्र  3,214.7 करोड़ रुपये रहा है।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस