नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। देश के औद्योगिक उत्पादन में लगातार चौथे महीने जून में संकुचन दर्ज किया गया है। जून 2020 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में 16.6 फीसद का संकुचन आया है। इससे पहले मई महीने में आईआईपी में 33.9 फीसद संकुचन दर्ज किया गया था। मई महीने में कारोबारी गतिविधियों में प्रतिबंध आसान होना शुरू हुए थे। जून में धीरे-धीरे आर्थिक गतिविधियों के शुरू होने के कारण संकुचन में कमी आई है।

जून महीने में संकुचन में यह कमी कोर सेक्टर के उत्पादन के चलते आई है। कोर सेक्टर आउटपुट भी रिकवरी के संकेत दे रहा है। जून महीने में कोर सेक्टर आउपुट के संकुचन में भी कमी आई है। आठ कोर सेक्टर इंडस्ट्रीज मिलकर औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में 40 फीसद हिस्सा रखती है।

मौजूदा वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कुल औद्योगिक उत्पादन में 35.9 फीसद का संकुचन दर्ज किया गया है। गौरतलब है कि भारतीय रिज़र्व बैंक ने भी अनुमान लगाया है कि इस वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था में संकुचन होगा। यह करीब 40 साल में पहली बार होगा।

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हालांकि, जून में संकुचन घटने के बाद जुलाई महीने में भारत के पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में कोरोना वायरस महामारी का संक्रमण बढ़ने के चलते उच्च आवृत्ति वाले मैक्रो संकेतकों ने गिरावट को दिखाया है। महामारी का संक्रमण बढ़ने से स्थानीय प्रसाशन नए प्रतिबंध लगाने को मजबूर हुआ है, जिस कारण व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।

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