नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। अगर आपने अभी तक इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल नहीं किया है, तो यह आपको काफी भारी पड़ने वाला है। इसकी वजह है धारा 206AB और 206CCAA। इसके अनुसार अगर आपने 2021-2022 के लिए ITR दाखिल नहीं किया है, तो मौजूदा वित्त वर्ष के दौरान आपकी कुछ आय पर ज्यादा TDS लागू होता है। इसके लिए नया नियम 1 अप्रैल 2022 से लागू हो गया है। इसे केंद्रीय बजट 2022 में पेश किया गया था।

हायर टीडीएस का प्रस्ताव 2021 में किया गया पेश

आईटीआर फाइल नहीं करने पर हायर टीडीएस लगाने का प्रस्ताव पहली बार फाइनेंस एक्ट 2021 में पेश किया गया था। इससे पहले पिछले नियम के अनुसार आईटीआर फाइल नहीं करने पर दो साल के बाद कुछ आय पर हायर टीडीएस का भुगतान करना होता था। वहीं, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने 17 मई 2022 को एक नए सर्कुलर में इस टाइम लिमिट को एक साल कर दिया। वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2021 थी।

क्या कहते हैं जानकार

जानकारों की अगर मानें तो यह सर्कुलर उन करदाताओं के लिए फायदेमंद हैं, जो अपना टैक्स रिटर्न सही समय पर देते हैं। यह सर्कुलर आईटीआर फाइल नहीं करने वालों का निर्धारण करने और कंप्लायंस प्रोविजन्स की व्याख्या में मुश्किल को दूर करने में मदद करता है। इस सर्कुलर में आगे कहा गया है कि स्पेसिफाइड पर्सन की परिभाषा में कोई ऐसा व्यक्ति शामिल नहीं है, जिसका वित्तीय वर्ष 2021-2022 में टीडीएस और टीसीएस का कुल योग 50 हजार रुपये से कम है। स्पेसिफाइड पर्सन की परिभाषा में एक नॉन-रेसिडेंट भी शामिल नहीं है, जिसका भारत में कोई परमानेंट इस्टैब्लिशमेंट नहीं है।

नए सर्कुलर में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान दायर संबंधित वित्तीय वर्ष के बिलेटेड और रिवाइज्ड TCS और TDS रिटर्न पर भी नियमित आधार पर स्पेसिफाइड पर्सन की लिस्ट से व्यक्तियों को हटाने पर विचार किया जाएगा।

Edited By: Sarveshwar Pathak