नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। अगर आप वित्त वर्ष 2019-2020 या आकलन वर्ष 2020-21 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने जा रहे हैं तो आपके लिए कुछ चीजों पर गौर करना बेहद अहम है। इनमें हाल में पेश किए गए संशोधित Form 26AS से अपने विवरण की पुष्टि के साथ अन्य चीजें भी शामिल हैं। टैक्स और इंवेस्टमेंट एक्सपर्ट बलवंत जैन इस मामले में कहते हैं कि ITR भरने के संदर्भ में सही फॉर्म का चुनाव सबसे पहले स्थान पर आता है। उल्लेखनीय है कि इनकम टैक्स विभाग अलग-अलग श्रेणी के करदाताओं के लिए अलग-अलग ITR Form जारी करता है। उदाहरण के लिए वेतन, एक घर की संपत्ति और अन्य स्रोतों से 50 लाख रुपये एवं कृषि से पांच हजार रुपये तक की आमदनी वाले व्यक्तिगत करदाता ITR-1 या सहज फॉर्म भरते हैं। वहीं ऐसे व्यक्ति या हिन्दू अविभाजित परिवार जिन्हें बिजनेस या प्रोफेशन से किसी तरह तरह की आमदनी नहीं होती है वह ITR-2 फॉर्म भरता है। 

हालांकि, जैन ने जोर देकर कहा कि व्यक्तिगत करदाताओं को खुद से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने से बचना चाहिए। बकौल जैन लोगों को अपने इनकम टैक्स रिटर्न क्वालिफाइड सीए के जरिए भरवाना चाहिए क्योंकि ITR भरते समय बहुत सी टेक्निकल चीजों को ध्यान में रखना होता है।   

फॉर्म 26AS को वेरिफाई करना है जरूरी

जैन ने कहा हाल में संशोधित फॉर्म 26AS जारी किया गया है। नए फॉर्म 26AS में पहले की तुलना में अधिक विवरण शामिल होते हैं। उन्होंने कहा कि फॉर्म 26AS में दर्ज विवरण को वेरिफाई करना बहुत जरूरी होता है। फॉर्म 26AS में करदाता के नियोक्ता के साथ-साथ किराएदार और अन्य कारोबारी साझेदारों द्वारा की गई टैक्स कटौती का विस्तृत ब्योरा होता है।  

फॉर्म-16/16ए को करें वेरिफाई

इस साल कोविड-19 की वजह से विभिन्न चीजों के लिए निर्धारित समयसीमा का विस्तार किया गया है। इससे बहुत संभव है कि आपको आपका Form 16 या Form 16A नहीं मिल पाया हो। हालांकि, इनकम टैक्स रिटर्न भरते समय यह ध्यान में रखना बहुत जरूरी है कि इस फॉर्म में दी गई जानकारी पूरी तरह सही हो। इसमें आपको इस बात की पुष्टि करनी चाहिए कि आपके नियोक्ता की ओर से जारी फॉर्म-16 में आपका पैन सही हो। साथ ही सभी तरह के एक्जेम्शन का सत्यापन भी आवश्यक है।  

बेसिक चीजों पर रखें पैनी निगाह

जैन ने कहा कि इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते समय वित्तीय लेनदेन की जानकारी के साथ व्यक्तिगत विवरण भी सही होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज के समय में आयकर विभाग किसी भी तरह का कम्युनिकेशन ईमेल के जरिए कर रहा है। ऐसे में ITR में आपका पैन नंबर, ईमेल आईडी, मोबाइल नंबर, बैंक खाते से जुड़े विवरण और पता सही होना चाहिए।  

सेविंग से जुड़े दस्तावेज

अगर आप ऐसे फंड्स में सेविंग दिखा रहे हैं, जिसपर आयकर में छूट मिलती है तो आपके पास उससे संबंधित दस्तावेज होने चाहिए। उदाहरण के लिए ELSS फंड में निवेश का ब्योरा, इंश्योरेंस प्रीमियम जमा करने पर प्राप्त रसीद, होम लोन या एजुकेशन लोन का स्टेटमेंट जैसे दस्तावेज आपके पास होने चाहिए।

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