नई दिल्ली, पीटीआइ। कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में तेजी को देखते हुए कर विभाग को आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को और आगे बढ़ाना पड़ सकता है। विशेषज्ञों द्वारा यह अनुमान व्यक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि कर विभाग को परिस्थिति को देखते हुए करदाताओं के हित में अतिरिक्त उपाय करने पड़ सकते हैं। कर विशेषज्ञों ने कोविड-19 महामारी के अभूतपूर्व संकट में करदाताओं को राहत पहुंचाने के लिए कर विभाग द्वारा लिये गए फैसलों का स्वागत किया।

कर विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक कोरोना वायरस महामारी का संकट कम नहीं हो जाता और सामान्य स्थिति वापस नहीं आ जाती, तब तक के लिए कुछ अतिरिक्त उपाय किये जाने की आवश्यकता है। गौरतलब है कि कर विभाग द्वारा कोरोना वायरस महामारी और इसके संक्रमण को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन को देखते हुए विभिन्न समयसीमाओं को आगे बढ़ाया गया है।

एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के सीईओ गौरव मोहन ने सरकार द्वारा किये गए ब्याज में राहत देने और समयसीमाओं को आगे बढ़ाने के राहत उपायों का स्वागत किया और कहा, 'मौजूदा परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए करदाताओं की मदद के लिए अधिक से अधिक राहत उपायों की जरूरत है।'

सरकार के आयकर रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को आगे बढ़ाने के फैसले पर टैक्समैन के डीजीएम नवीन वाधवा ने कहा, 'सभी करदाताओं के लिये वित्त वर्ष 2019-20 के रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को 31 जुलाई और 31 अक्टूबर 2020 के स्थान पर 30 नवंबर 2020 तक के लिये बढ़ा दिया गया है।'

देश में लगातार कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में तेजी आ रही है। सोमवार सुबह तक देश में कुल 6,97,836 कोरोना वायरस संक्रमण के मामले आ चुके थे। इनमें से 4,24,891 लोग ठीक हो गए हैं और 2,53,162 लोग अभी भी कोरोना वायरस से जूझ रहे हैं। वहीं, इस वायरस से 19,700 लोगों की दुखद मृत्यु हो चुकी है।

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