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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 04, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

IDFC First Bank के शेयरों में आई भारी गिरावट, कल ही किया था आईडीएफसी लिमिटेड के साथ मर्जर का एलान

By Gaurav KumarEdited By: Gaurav Kumar
Published: Tue, 04 Jul 2023 07:57 PM (IST)

आज देश के अन्य निजी बैंकों मे से एक आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली ...और पढ़ें

IDFC First Bank shares fell heavily, announced merger with IDFC Limited only yesterday
IDFC First Bank shares fell heavily, announced merger with IDFC Limited only yesterday

नई दिल्ली,बिजनेस डेस्क: मंगलवार 4 जुलाई को देश के पॉपुलर निजी बैंकों में से एक आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) के शेयरों में 4 प्रतिशत की भारी गिरावट देखने को मिली। कंपनी द्वारा ऑल-स्टॉक लेनदेन में अपनी मूल कंपनी आईडीएफसी लिमिटेड के विलय की घोषणा के बाद यह गिरावट आई है।

आज कितना रहा शेयर का दाम?

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का शेयर बीएसई पर 4.02 फीसदी की गिरावट के साथ 78.65 रुपये पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 5.90 फीसदी गिरकर 77.10 रुपये पर आ गया था।

हालांकि, आईडीएफसी लिमिटेड के शेयर 1.92 फीसदी चढ़कर 111.20 रुपये पर बंद हुए। वहीं इंट्रा-डे में कंपनी के शेयर 6 फीसदी की बढ़त के साथ 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर 115.70 रुपये पर पहुंच गए।

सोमवार को की थी विलय की घोषणा

आपको बता दें कि आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने सोमवार को ऑल-स्टॉक लेनदेन में आईडीएफसी लिमिटेड के साथ विलय की घोषणा की थी। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और आईडीएफसी लिमिटेड का यह विलय, एचडीएफसी मर्जर के बाद भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में एक और बड़ा सौदा है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और आईडीएफसी के बोर्ड ने रिवर्स मर्जर को मंजूरी दे दी है।

मर्जर के बाद निवेशकों को क्या होगा फायदा?

कल यानी सोमवार को बाजार बंद होने के कीमतों के आधार पर कंपनी का वैल्यूएशन 71,767 करोड़ रुपये है। प्रस्तावित रिवर्स मर्जर योजना के तहत, एक आईडीएफसी शेयरधारक को बैंक में प्रत्येक 100 शेयरों के लिए 155 शेयर मिलेंगे। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने एक बयान में कहा, दोनों शेयरों का फेस वैल्यू 10 रुपये है।

आईडीएफसी के अध्यक्ष अनिल सिंघवी ने कहा कि

यह विलय आईडीएफसी के कॉर्पोरेट पुनर्गठन का अंतिम चरण है और इससे एक वित्तीय सेवा प्रदाता बनाने में मदद मिलेगी जो ग्राहकों को सेवाओं की निर्बाध डिलीवरी प्रदान करता है। यह विलय की गई इकाई के लिए परिचालन दक्षता में वृद्धि करेगा और हमारे शेयरधारकों के लिए तालमेल बनाएगा

विलय के बाद क्या होगा फायदा?

आइडीएफसी फ‌र्स्ट बैंक के मुताबिक इस विलय के बाद बनने वाली इकाई को नियमों का पालन करने में और आसानी होगी। बैंक ने कहा कि इस मर्जर के बाद एक ऐसा संस्थान बनाने में मदद मिलेगी जिसमें पब्लिक और इंस्टीट्यूशनल शेयरधारिता होगी। आईडीएफसी ने कहा कि निजी क्षेत्र के अन्य बड़े बैंकों की तरह इसमें भी प्रवर्तकों की कोई हिस्सेदारी नहीं होगी।