नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। आईडीबीआई बैंक ने अपने बकाए की वसूली के लिए रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) का दरवाजा खटखटाया है है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक रिलायंस नेवल एंड इंजीनियरिंग ने गुरुवार को शेयर बाजार को सूचना भेजी जिसमें कहा कि कंपनी को सूचित किया गया है कि आईडीबीआई बैंक ने एनसीएलटी, अहमदाबाद में आवेदन किया है और दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के तहत लोन निपटान की अपील की है।

इसके अलावा, दीर्घकालिक बुनियादी ढांचा ऋणदाता आईएफसीआई ने नवंबर 2017 में भी इसी तरह का आवेदन दायर किया था, जो पिछले 10 महीनों से लंबित है। पीटीआई के अनुसार अनिल अंबानी की रिलायंस नेवल और इंजीनियरिंग लिमिटेड (आरएनएवीएएल) भारत में पहली निजी क्षेत्र की कंपनी है जिसके पास युद्धपोत बनाने के लिए लाइसेंस और अनुबंध है।

न्यूज एजेंसी ने बताया कि 30 जून को समाप्त तिमाही में कंपनी का इसका शुद्ध घाटा 347.21 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 230.42 करोड़ था।

मिली जानकारी के अनुसार कंपनी को पहले पिपवाव डिफेंस एंड ऑफशोर इंजीनियरिंग के नाम से जाना जाता था, 2016 में अनिल अंबानी समूह की ओर से इसे खरदीने के बाद इसका नाम बदलकर रिलायंस डिफेंस एंड इंजीनियरिंग कर दिया गया।

पीटीआई ने बताया कि कंपनी पर दो दर्जन से ज्यादा बैंकों का 9000 करोड़ रुपये बकाया है, जिसमे ज्यादातर राज्य संचालित हैं। इनमें सबसे ज्यादा कर्ज आईडीबीआई बैंक का है।

इसके अलावा, कंपनी ने अपनी सहायक रिलायंस मरीन और ऑफशोर लिमिटेड (आरओएमएल) की ओर से प्राप्त ऋण के लिए कॉर्पोरेट गारंटी जारी की थी, इसके बाद आईएफसीआई ने वर्ष 2017-18 में लोन रिकॉल के लिए नोटिस भेजा था।

Posted By: Nitesh