नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। चालू वित्त वर्ष 2018-19 की दूसरी तिमाही के दौरान भारत की आर्थिक वृद्धि दर की गति अनुक्रमिक आधार पर मंद होने की उम्मीद है। यह अनुमान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी इक्रा ने लगाया है। हालांकि इक्रा ने यह भी कहा है कि सकल घरेलू उत्पाद (सकल घरेलू उत्पाद) की वृद्धि दर सालाना आधार पर आधार पर अधिक ही रहेगी।

रेटिंग एजेंसी के मुताबिक इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.2 रहने का अनुमान है जो कि वित्त वर्ष 2019 की पहली तिमाही में (अप्रैल से जून) 8.2 फीसद रही थी। जानकारी के लिए आपको बता दें कि दूसरी तिमाही के जीडीपी के आंकड़े इस महीने के अंत में 30 नवंबर को जारी किए जाएंगे।

दूसरी तिमाही के लिए बेसिस प्राइज पर ग्रॉस वैल्यू एडेड (जीवीए) के टर्म में जीडीपी के 7.1 फीसद रहने का अनुमान है जबकि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में यह 8 फीसद रही थी। एजेंसी ने कहा कि फिर भी, सकल घरेलू उत्पाद और जीवीए बीते वित्त वर्ष के वृद्धि दर के स्तर से काफी बेहतर प्रदर्शन जारी रखेगी, जो कि वित्त वर्ष 2018 में क्रमशः 6.3 फीसद और 6.1 फीसद के स्तर पर रही थी।

इक्रा की प्रधान अर्थशास्त्री अदिति नायर ने बताया, "वित्त वर्ष 2019 की दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर जीवीए ग्रोथ में आई गिरावट की वजह कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्र की धीमी वृद्धि रही है, फिर भी सेवा क्षेत्र के प्रदर्शन में सुधार होने की उम्मीद है।"

Posted By: Praveen Dwivedi

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