नई दिल्‍ली, बिजनेस डेस्‍क। ICICI Bank ने जानकारी दी है कि उसने अब तक 20 लाख फास्टैग जारी किए हैं और इस तरह बैंक देश का अकेला ऐसा वित्तीय संस्थान बन गया है, जिसने यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। बैंक का लक्ष्य अगले छह महीनों में फास्टैग की संख्या को दोगुनी करना है। फास्टैग एक ब्रांड नाम है जिसका स्वामित्व भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (IHMCL) के पास है, जो इलेक्ट्रॉनिक टोलिंग और एनएचएआई की अन्य सहायक परियोजनाओं का संचालन करता है। यह रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी) टैग वाहन के विंडस्क्रीन पर चिपकाया जाता है। 

इसका इस्तेमाल करना भी आसान है, इसे फिर से लोड किया जा सकता है और इस तरह टोल शुल्क की स्वचालित कटौती हो जाती है और वाहन को नकद लेनदेन के लिए रुके बिना टोल प्लाजा से गुजरने देता है। 

मूल्य और संख्या के मामले में इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) बाजार में आईसीआईसीआई बैंक सबसे आगे है। फास्टैग पर लेनदेन की संख्या के मामले में आधे से अधिक बाजार हिस्सेदारी पर बैंक का कब्जा है। मूल्य के संदर्भ में, बैंक की बाजार हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से भी अधिक है। सितंबर 2019 में, पूरे उद्योग में 29 मिलियन फास्टैग लेनदेन में से आईसीआईसीआई बैंक ने कुल मिलाकर लगभग 395 करोड़ रुपए के लगभग 15.4 मिलियन लेनदेन किए।

बैंक की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए बैंक के अनसिक्योर्ड एसेट्स के प्रमुख सुदीप्ता रॉय ने कहा कि  देश में सबसे पहले आईसीआईसीआई बैंक ने ही मुंबई-वडोदरा कॉरिडोर में इस सेवा की शुरुआत की थी और आज बैंक ने दूसरे बैंकों के बीच अंतर-संचालन के लिए राष्ट्रीय मानक बनाने के लिए मानदंड निर्धारित किए हैं।

उन्‍होंने कहा कि देश का कुल टोल बाजार अनुमानित रूप से सालाना लगभग 20,000 करोड़ रुपये का है। इसमें से लगभग 30 फीसद हिस्सा ईटीसी प्लेटफॉर्म के माध्यम से एकत्र किया जा रहा है, यह दर्शाता है कि इस महत्वपूर्ण भुगतान क्षेत्र में डिजिटलीकरण को और आगे ले जाने का एक बड़ा अवसर मौजूद है। 

रॉय ने कहा कि सभी टोल प्लाजाओं के लिए फास्टैग को अनिवार्य बनाने के वर्तमान आदेश के साथ, हम अगले छह महीनों में अपने पोर्टफोलियो को दोगुना करते हुए 40 लाख तक ले जाने का लक्ष्य रखते हैं। हम ईटीसी प्रोग्राम के तहत नए राजमार्गों को भी शामिल कर रहे हैं। हाल ही में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और हैदराबाद आउटर रिंग रोड को इसमें शामिल किया गया है। 

उन्‍होंने कहा कि इसके अतिरिक्त हम विभिन्न साझेदारों के साथ सहयोग कर रहे हैं ताकि हवाई अड्डे और मॉल में पार्किंग के लिए भी फास्टैग के माध्यम से भुगतान किया जा सके। फास्टैग की उपलब्धता बढ़ाने के लिए प्रमुख ई-कॉमर्स पोर्टल्स के साथ साझेदारी करने की भी योजना बना रहे हैं।

 

Posted By: Manish Mishra

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