नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक आइसीआइसीआइ बैंक ने सोमवार को संदीप बख्शी को बैंक का मुख्य संचालन अधिकारी (सीओओ) नियुक्त कर दिया है। बैंक ने कहा है वीडियोकॉन कर्ज मामले में जांच रिपोर्ट आने तक चंदा कोचर छुट्टी पर ही रहेंगी।

बख्शी इससे पहले आइसीआइसीआइ प्रुडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के एमडी और सीईओ थे। वह मंगलवार (19 जून) से बैंक के मुख्य संचालन अधिकारी पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। बैंक प्रशासन और कॉरर्पोरेट गवर्नेंस के उच्चतम स्तर के अनुरूप कोचर ने फैसला लिया है कि वह जांच रिपोर्ट आने तक छुट्टी पर ही रहेंगी।

आपको बता दें कि कोचर और उनका परिवार फिलहाल वीडियोकॉन ग्रुप को दिए गए लोन के संबंध में जांच का सामना कर रहा है। बीते महीने आइसीआइसीआइ बैंक ने इस संबंध में एक स्वत्रंत जांच कराने की घोषणा की थी। कोचर पर यह जांच एक व्हिसल ब्लोअर की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों पर हो रही है। बख्शी के सीओओ नियुक्त किए जाने के बाद बोर्ड ने एन एस कनन को आइसीआइसीआइ प्रुडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के एमडी एवं सीइओ बनाए जाने की सिफारिश की है।

चंदा कोचर पर क्या हैं आरोप?

चंदा कोचर पर आरोप है कि उनके पति दीपक कोचर के चलते ही वीडियोकॉन को आइसीआइसीआइ बैंक ने करीब 3200 करोड़ रुपए का लोन दिया था। बाद में वीडियोकॉन इससे में से करीब 2800 करोड़ रुपए की रकम बैंक को लौटाने में नाकाम रहा। हालांकि, चंदा कोचर पर लगे आरोपों का आइसीआइसीआइ बैंक ने शुरुआत में बचाव किया था। मगर अब उनके इस्तीफे को लेकर दबाव बढ़ रहा है।

इसलिए दिया गया था लोन?

चंदा के पति दीपक कोचर ने अक्षय ऊर्जा में कारोबार के लिए वीडियोकॉन के प्रवर्तक वेणुगोपाल धूत के साथ मिलकर संयुक्त उद्यम बनाया था। बाद में धूत संयुक्त उद्यम से बाहर हो गए। बैंक ने यह स्वीकार किया है कि चंदा कोचर ऋण समिति की उस बैठक में शामिल होने से स्वयं को अलग नहीं कर सकी थी, जिसमें 3,250 करोड़ रुपए का कर्ज वीडियोकॉन समूह को 2012 में दिया गया।

Posted By: Praveen Dwivedi