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फीचर फोन यूजर्स को UPI से कैसे जोड़ा? PhonePe के फाउंडर और CEO समीर निगम से जानें

By Jagran BusinessEdited By: Gyanendra Tiwari
Published: Fri, 04 Sep 2026 02:43 PM (IST)

PhonePe ने अपने UPI 123Pay ऐप के साथ फीचर फोन यूजर्स के लिए डिजिटल भुगतान की सुविधा शुरू की है। ...और पढ़ें

फीचर फोन यूजर्स के लिए PhonePe UPI 123Pay लॉन्च।

फीचर फोन यूजर्स के लिए PhonePe UPI 123Pay लॉन्च।

HighLights

  1. फीचर फोन यूजर्स के लिए PhonePe UPI 123Pay लॉन्च।

  2. SMS-आधारित तकनीक से डिजिटल भुगतान अब संभव।

  3. 20 करोड़ से अधिक यूजर्स को वित्तीय समावेशन।

नई दिल्ली। यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस यानी UPI ने भारत में वित्तीय लेनदेन के तरीके को बदल दिया है। आज स्मार्टफोन कंज्यूमर्स QR कोड स्कैन करके, और कुछ स्टेप्स के साथ डिजिटल पेमेंट कर रहे हैं। उधर, छोटे-बड़े दुकानदान भी इस आसान सिस्टम का फायदा उठाकर कैश फ्लो को मैंटेन और उसका रिकॉर्ड रख रहे हैं। लेकिन भारत में एक समूह ऐसा है जो इस डिजिटल पेमेंट की सुविधा से अभी भी दूर है।

ये लोग स्मार्टफोन नहीं, बल्कि कीपैड वाले बेसिक फोन इस्तेमाल करते हैं, जिसे फीचर फोन भी कहा जाता है। कैसा होगा जब ये बिना स्टार्टफोन और इंटरनेट के अपने बेसिक फोन से UPI पेमेंट कर पाएं। आज PhonePe ने इस सुविधा को सफल बनाया है, अपने PhonePe UPI 123Pay ऐप के माध्यम से। यह सुविधा छोटे शहरों और गांव में रहने वाले करोड़ों फीचर फोन यूजर्स के लिए पेमेंट करने का समाधान है, जो रोजाना की जरूरतों के लिए नगदी पर निर्भर हैं।

इस सफलता के साथ PhonePe भारत के 20 करोड़ से भी ज्यादा फीचरफोन यूजर्स के लिए UPI पेमेंट की सुविधा देने वाला पहला प्रमुख थर्ड-पार्टी एप्लिकेशन प्रोवाइडर (TPAP) बन गया है। इनका यह कदम भारत में डिजिटल सुविधाओं से दूर रहने वाले लोगों को वित्तीय समावेशन के साथ जोड़ता है। PhonePe के इस शानदार काम को समीर निगम (फाउंडर और CEO PhonePe) ने अपने वीडियो इंटरव्यू में अच्छे से समझाया है।

पूरा इंटरव्यू देखें

समीर निगम के साथ जागरण न्यू मीडिया की कंसल्टिंग एडिटर गीतू मोजा ने बातचीत की है। पढ़ें इसके कुछ अंश..

प्रश्न- नया फीचर PhonePe UPI 123Pay क्या है। यह स्टैंडर्ड UPI से अलग कैसे है?

उत्तर- अधिकतर फीचर फोन में इंटरनेट नहीं होता है, लेकिन SMS की सुविधा होती है। इस संबंध में हम दो साल से रिसर्च और डेवलपमेंट कर रहे हैं। हमने पहले नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI), उसके बाद एक-एक OEM जैसे नोकिया, एचएमडी, आईटेल और लावा इंटरनेशनल के साथ काम किया, और यह जानने की कोशिश की कि Simple Mail Transfer Protocol (SMTP) के तहत कैसे सेफ इनक्रिप्टेड डिजिटल पेमेंट कर सकते हैं। PhonePe UPI 123Pay इन दो सालों की कड़ी मेहनत का परिणाम है। इस पर आप सुरक्षित तरीके से UPI पेमेंट कर सकते हैं।

लोग मानते हैं कि UPI पेमेंट सुविधा का लाभ न उठा पाना, केवल ग्रामीण भारत की समस्या है, लेकिन ऐसा नहीं है। सीनियर सिटिजन का एक बहुत बड़ा ग्रुप, अभी भी स्मार्टफोन का उपयोग नहीं करता है। उन्हें शायद स्मार्टफोन की आदत नहीं है या उन्हें जरूरत महसूस नहीं हुई। वह कम्युनिकेशन के लिए फीचर फोन का इस्तेमाल करते हैं। ग्रामीण भारत और सीनियर सिटिजन के साथ-साथ आज के GEN Z और GEN Alpha भी ऐसे कीपैड वाले फोन इस्तेमाल कर रहे हैं। उनकी जरूरतों को देखते हुए पैरेंट्स उन्हें स्मार्टफोन के बजाय स्मार्ट फीचर फोन दे रहे हैं, जिसमें कैमरा होता है, पर इंटरनेट नहीं।

हमारा प्रयास है कि हम सबको बेसिक पेमेंट की सुविधा दें। PhonePe UPI 123Pay ऐप SMS-आधारित आर्किटेक्चर का उपयोग करता है, जिससे लिमिटेड 2G कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों में भी ट्रांजेक्शन सफलतापूर्वक पूरा हो। इसके तहत फीचर फोन यूजर्स को कई सुविधाएं मिलती हैं। इसमें आप पीयर-टू-पीयर ट्रांसफर कर सकते हैं यानी आप अपने कॉन्टेक्ट बुक में किसी को भी पैसे भेज सकते हैं।

आप किसी भी मोबाइल नंबर या UPI आईडी पर पैसे भेज सकते हैं। और वैसे ही आपके मोबाइल नंबर या UPI आईडी पर कोई भी आपको पैसा भेज सकता है। इसके अलावा इसमें आप अपना बैंक बैलेंस चेक कर सकते हैं। अगर आपके फीचर फोन में कैमरा है, तो आप कोई भी QR स्कैन कर सकते हैं। स्मार्टफोन UPI यूजर्स की तरह इसमें QR कोड दिया जाएगा, जिससे छोटे दुकानदार, दूध और सब्जी बेचने वाले आसानी से पेमेंट रिसीव कर पाएं। वह अपना QR कोड दिखाकर कस्टमर्स से पैसे ले सकते हैं। हमारा विजन है कि सारे फीचर फोन यूजर्स को UPI ईकोसिस्टम के अन्दर लाया जाए और उन्हें एक बड़ा मार्केट दिया जाए।

प्रश्न- छोटे दुकानदार या किराना स्टोर कैश पर ज्यादा निर्भर रहते हैं। क्या वो फीचर फोन से होने वाले पेमेंट को स्वीकार कर पाएंगे?

उत्तर- पिछले दस साल का हमारा अनुभव यह बताता है कि शहरों में जो रहा है, और पूरे देश में जो रहा है, उसमें काफी अंतर है। एक आंकड़ा आपको बताता हूं। स्मार्टफोन के बारे में हम सोचते हैं कि इसके ज्यादातर यूजर्स शहरों में होंगे, लेकिन ऐसा नहीं है। PhonePe के 70% यूजर्स टीयर-2 के हैं। टीयर-3 और ग्रामीण क्षेत्र के यूजर्स भी बढ़ रहे हैं। इससे यह पता चलता है कि स्मार्टफोन का इस्तेमाल अर्बन, सेमी-अर्बन और ग्रामीण क्षेत्रों में हर जगह हो रहा है।

एक और बात, जब UPI आया तो पहले इसे आम यूजर्स के लिए शुरू किया गया। उसके बाद मर्चेंट का QR एक्सेप्टेंस चालू किया गया। हमारे नेटवर्क में पांच करोड़ मर्चेंट हैं, जिनमें एक करोड़ मर्चेंट टीयर-5, टीयर-6 और गांव के हैं। इसलिए, हम कह सकते हैं कि गांव में दुकानदारों के पास में QR है, लेकिन उनकी समस्या है कि कस्टमर के पास UPI की सुविधा नहीं है, वो आज भी कैश में डील करते हैं। PhonePe UPI 123Pay ऐप उनके फीचर फोन में यह सुविधा देता है।

प्रश्न- इस सेगमेंट से क्या उम्मीद है, आप इसका विस्तार कैसे करेंगे?

उत्तर- हमने PhonePe UPI 123Pay ऐप को भारत के सबसे बड़े फीचर फोन OEM नोकिया और एचएमडी के साथ लॉच किया है। यह सुविधा जल्द लावा इंटरनेशनल और आईटेल फोन में मिलेगी। इसके साथ कई दूसरे OEM से बातचीत चल रही है। हमारा लक्ष्य है कि अगले छह से नौ महीने में भारत के लगभग सभी नए फीचर फोन में UPI पेमेंट की सुविधा हो। इसके अलावा, हम OEM के डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को प्रशिक्षण और एजुकेशन मटेरियल दे रहे हैं, ताकि वो फोन खरीदने वाले कस्टमर्स को समझा पाएं कि नए फीचर फोन से भी पेमेंट किया जा सकता है। इसके साथ-साथ, हम अलग-अलग सरकारी विभाग और स्वयं सहायता समूह के साथ बातचीत कर रहे हैं, जिनके साथ महिला, किसान और पशुपालक जुड़े हैं। ये सभी ज्यादातर फीचर फोन का इस्तेमाल करते हैं। उन्हें हम अपने साथ जोड़ना चाहते हैं। इसके अलावा, हम सोशल मीडिया के जरिए GEN Z को इस पेमेंट सुविधा के बारे में बता रहे हैं।

प्रश्न- PhonePe UPI 123Pay ऐप कितना सुरक्षित है?

उत्तर- डिजिटल पेमेंट में सुरक्षा दो तरह से देखनी चाहिए। स्मार्टफोन की तरह फीचर फोन में भी UPI के जरिए पेमेंट करते समय पर्सनल पिन डालना अनिवार्य है। इसके अलावा, सिम और डिवाइस बाइंडिंग होना चाहिए, जिससे फोन चोरी होने के बाद भी, उसका गलत इस्तेमाल न हो। सुरक्षा के लिए PhonePe UPI 123Pay के जरिए आ रहे डाटा को पहले इनक्रिप्ट किया जाता है। फिर इनट्रिप्टेड डाटा को SMS या SMTP प्रोटोकॉल के तहत ट्रांसफर किया जाता है, जो PhonePe के सर्वर्स पर पहुंचता है, वहां डाटा डिक्रिप्ट होता। यह पूरी जर्नी 100 फीसदी इनकिप्टेट रहती है, बिल्कुल स्मार्टफोन की तरह।

पूरा इंटरव्यू देखने के लिए वीडियो लिंक पर क्लिक करें - https://www.youtube.com/watch?v=ia_70EA0UFw