नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) काउंसिल कम राजस्व प्रभाव वाली वस्तुओं पर कर दरों में कमी पर विचार कर सकती है। 21 जुलाई को होने वाली जीएसटी काउंसिल की बैठक में कर दरों को तर्कसंगत करने के लिहाज से ऐसा कदम उठाया जा सकता है। जिन उत्पादों पर कर की दरों में कटौती की जा सकती है उनमें सैनेटरी नैपकिन, हैंडक्राफ्ट और हैंडलूम गुड्स शामिल हैं।

तमाम इंडस्ट्रियल बॉडी और हितधारकों ने मांग की थी कि कुछ ऐसे उत्पादों पर कर की दरें कम की जाएं, विशेषकर जो कि असंगठित क्षेत्र में सामान्य स्वास्थ्य और रोजगार उत्पादन से जुड़े हुए हैं। एक अधिकारी ने बताया, “हितधारकों की ओर से उठाई गई मांगों को देखते हुए काउंसिल विभिन्न वस्तुओं पर कर दरों के तर्कसंगत किए जाने का मुद्दा उठाएगी। यह मुख्य रूप से उन वस्तुओं पर केंद्रित होगा जो सामान्य खपत से जुड़े हुए हैं और कम राजस्व निहितार्थ वाले है।”

अधिकांश हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट्स के साथ ही सैनेटरी नैपकिन्स पर वर्तमान में 12 फीसद का टैक्स लगता है, जबकि इसे कर मुक्त किए जाने की मांग हो रही है। वस्तु एवं सेवा कर के अंतर्गत कर की चार दरें 5 फीसद, 12 फीसद, 18 फीसद और 28 फीसद निर्धारित हुईं थीं। देशभर में वस्तु एवं सेवा कर 1 जुलाई 2017 से लागू है।

गौरतलब है कि जीएसटी ने अधिकांश केंद्रीय और राज्य स्तर पर लगने वाले करों को खत्म करने का काम किया है। जनवरी में हुई बैठक में काउंसिल ने 54 सेवाओं और 29 उत्पादों पर टैक्स खत्म करने का फैसला किया था।

By Praveen Dwivedi