नई दिल्ली, पीटीआइ। जीएसटी काउंसिल की 37वीं बैठक शुक्रवार को गोवा में हुई। इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। जीएसटी के अंतरगत टैक्स देने वाले करदाताओं के रजिस्ट्रेशन को आधार से लिंक करने का भी फैसला किया गया। इसके अलावा रिफंड का दावा करने के लिए 12 डिजिट यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर को अनियवार्य करने पर भी चर्चा हुई। काउंसिल ने जून में जारी उस सर्कुलर को भी वापस लेने का फैसला किया, जिसमें कहा गया था कि कुछ मामलों में एक कंपनी की ओर से डीलर को दी गयी अतिरिक्त छूट पर भी माल और सेवा कर (जीएसटी) लगेगी।

काउंसिल ने वित्त वर्ष 2017-18 और 2018-19 के लिए वार्षिक जीएसटी कंपोजिशन रिटर्न (फॉर्म जीएसटीआर-9ए) भरने में रोजगार सृजन करने वाले एमएसएमई सेक्टर को राहत देने का फैसला किया है। शुक्रवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई बैठक में रोजगार देने वाले लघु एवं मध्य उद्योगों को जीएसटी रिटर्न फाइल करने में राहत देने का भी फैसला लिया गया। इसमें जीएसटी रिटर्न की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अधिकारियों की एक कमिटी गठित की जाएगी। इसके अलावा रिटर्न फाइल करने का नया तरीका अप्रैल 2020 से लागू किया जाएगा, जिससे लोग इसे आसानी से अपना सकें।

इस बैठक में होटल किराये में जीएसटी दरों को घटा दिया गया है। इससे अब लोगों को कम दाम पर होटल रूम मिल सकेंगे। अब एक हजार रुपये से 7500 रुपये तक के होटल किराये पर 12 फीसद जीएसटी लगेगा। इसके अलावा 7500 रुपये से ज्यादा के होटल किराये पर 18 फीसद जीएसटी लगेगा। साथ ही एक हजार रुपये से कम किराए वाले कमरों को जीएसटी खत्म कर दिया गया है।

सरकार ने वेयर हाउसिंग पर भी जीएसटी में छूट की घोषणा की है। कोल्ड ड्रिंक्स पर 18 फीसद जीएसटी लगेगा। जीएसटी काउंसिल ने 1500 सीसी डीजल और 1200 सीसी की गाड़ियों पर 12 फीसद सेस कम करने की सिफारिश की है। 

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