नई दिल्ली, पीटीआइ। इस महीने जीएसटी काउंसिल की बैठक आयोजित होनी है। इस बैठक में करदाताओं को राहत देने की दिशा में काउंसिल विलंब शुल्क माफ करने के बारे में भी चर्चा करेगी। इस बैठक में अगस्त 2017 से जनवरी 2020 तक की अवधि के लिए जीएसटी रिटर्न नहीं दाखिल करने पर लगने वाले विलंब शुल्क को माफ करने के बारे में चर्चा होगी। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क विभाग (CBIC) ने एक ट्वीट कर यह जानकारी दी है। जीएसटी काउंसिल की इस महीने 14 तारीख को बैठक हो सकती है।

सीबीआईसी ने ट्वीट कर कहा, 'जीएसटी परिषद की अगली बैठक में अगस्त 2017 से लेकर जनवरी 2020 तक की अवधि के लिए जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं करने पर लगने वाले विलंब शुल्क को माफ करने के बारे में चर्चा होगी।' सीबीआईसी ने बताया कि जीएसटी की शुरुआत अगस्त 2017 से ही हुई थी और करदाताओं द्वारा यह मांग की जा रही थी कि जिन जीएसटी रिटर्न्स को अगस्त 2017 से ही दाखिल करने की आवश्यकता है, उनमें विलंब शुल्क को माफ किया जाए।

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इससे पहले सरकार कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर पांच करोड़ से कम टर्नओवर वाले छोटो कारोबारों की मदद करने के लिए फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई 2020 के लिए जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की तारीख को आगे बढ़ा चुकी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इन महीनों के जिएसटी रिटर्न को दाखिल करने के समय को जून 2020 तक बढ़ाने की घोषणा की थी। सरकार द्वारा इस अवधि के लिए विलंब शुल्क को भी माफ किया गया है।

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केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क विभाग ने बताया कि विलंब शुल्क यह सुनिश्चित करने के लिए लिया जाता है, कि करदाता समय पर रिटर्न भर दे। वर्तमान में कोरोना वायरस महामारी से उत्पन्न संकट से अभूतपूर्व परिस्थितियां उत्पन्न हुई हैं। यही कारण है कि जीएसटी परिषद की आगामी बैठक में विलंब शुल्क माफी के मुद्दे पर भी प्रमुख रूप से चर्चा होगी।

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