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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 26, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जीएसटी बिल को राष्‍ट्रपति ने दी संसद में पेश करने की मंजूरी, सोमवार को लोकसभा में ला सकती है सरकार

By Shubham ShankdharEdited By:
Published: Sun, 26 Mar 2017 02:39 PM (IST)Updated: Sun, 26 Mar 2017 03:39 PM (IST)

जीएसटी बिल को संसद में पेश करने के लिए राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपनी मंजूरी बीते शनिवार को दे दी है

जीएसटी बिल को राष्‍ट्रपति ने दी संसद में पेश करने की मंजूरी, सोमवार को लोकसभा में ला सकती है सरकार
जीएसटी बिल को राष्‍ट्रपति ने दी संसद में पेश करने की मंजूरी, सोमवार को लोकसभा में ला सकती है सरकार

नई दिल्ली। देश में एक जुलाई 2017 से वस्‍तु एवं सेवा कर व्‍यवस्‍था लागू करने के लिए सरकार पूरी तैयारी में है। जीएसटी बिल को संसद में पेश करने के लिए राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपनी मंजूरी बीते शनिवार को दे दी है। इस मंजूरी के बाद अब इस बात की संभावना और बढ़ गई है कि सरकार सोमवार को लोकसभा में इस बिल को पेश कर सकती है। आपको बता दें कि इससे पहले शुक्रवार को वित्‍त मंत्रालय के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने इस बिल के सोमवार को संसद में पेश किए जाने की संभावना व्‍यक्‍त की थी।

वरिष्‍ठ अधिकारी ने कहा था कि सरकार सोमवार को लोकसभा में वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने संबंधी चार विधेयक पेश कर सकती है। केंद्रीय मंत्री मंडल चालू सत्र में जीएसटी बिल पेश करने और पारित कराने के लिए पहले ही चार पूरक जीएसटी विधेयकों सीजीएसटी, आईजीएसटी, यूटी जीएसटी और मुआवजा कानून को अपनी मंजूरी दे चुका है।

साथ ही केंद्रीय मंत्रिमंडल विभिन्‍न वस्‍तुओं और सेवाओं पर लगने वाले उपकर (सेस) और अधिभार (सरचार्ज) को खत्‍म करने के लिए कस्‍टम एंड एक्‍साइज कानून में संशोधन को भी अपनी मंजूरी दे चुका है। इससे जीएसटी को आसानी से लागू किया जा सकेगा। इसे भी उचित समय पर संसद में पेश किया जाएगा।

वित्‍त मंत्रालय के एक वरिष्‍ठ अधिकारी के मुताबिक सोमवार को लोकसभा में चार पूरक विधेयकों को पेश किया जा सकता है। सरकार का लक्ष्य एक जुलाई से जीएसटी को लागू करने का है। इससे पहले बीते गुरुवार को केंद्रीय वित्‍त मंत्री अरुण जेटली चालू सत्र में ही जीएसटी बिल को पारित कराने पर जोर देते हुए इसकी जरूरत बताई थी। जेटली ने बताया था कि यदि ऐसा नहीं होता है तो केंद्र और राज्‍य सरकारें 15 सितंबर के बाद अप्रत्‍यक्ष करों की वसूली का अधिकार खो देंगी।

राज्‍य सभा में अरुण जेटली ने कहा था कि सरकार एक जुलाई से देश में अप्रत्‍यक्ष करों की नई व्‍यवस्‍था जीएसटी को लागू करना चाहती है। पेट्रोलियम और भूमि को जीएसटी के दायरे में लाने जैसे अन्‍य मुद्दों पर इसके लागू होने के एक वर्ष के बाद विचार किया जाएगा। उन्‍होंने यह भी कहा था कि जीएसटी सविंधान संशोधन विधेयक इस वर्ष 15 सितंबर तक पारित करने की ही अनुमति देता है इसके बाद यह स्‍वत: समाप्‍त हो जाएगा।