नई दिल्ली [जागरण ब्यूरो]। बंबई हाई कोर्ट से पायलटों को कोई राहत नहीं मिलने के बाद सरकार ने भी एयर इंडिया के हड़ताली पायलटों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। सरकार ने कहा कि अगर पायलटों ने जल्द हड़ताल खत्म नहीं की तो वह नए पायलटों की भर्ती शुरू करेगी।

हड़ताल शुरू होने के बाद नागरिक विमानन मंत्री अजित सिंह पहली बार पायलट गिल्ड [आइपीजी] के सदस्यों से मिले। बैठक में उन्होंने पायलटों से स्पष्ट कहा कि हड़ताल के चलते एयर इंडिया का घाटा जिस तेजी से बढ़ रहा है, उसमें जून महीने तक कर्मचारियों को बकाया वेतना का भुगतान करना भी मुश्किल हो सकता है। बातचीत में सिंह ने पायलटों से साफ कह दिया कि अगर वे हड़ताल जारी रखते हैं तो सरकार नए पायलट भर्ती करने के बारे में सोच सकती है। सिंह और आइपीजी के पांच पायलटों के बीच डेढ़ घंटे लंबी बातचीत हुई। एयर इंडिया के सीएमडी रोहित नंदन को अंतिम क्षण बैठक में शामिल होने को कहा गया। पायलटों की हड़ताल की वजह से एयर इंडिया को अब तक 250 करोड़ रुपये का घाटा हो चुका है।

इंडियन पायलट गिल्ड के सूत्रों ने बताया वे आगे की कार्रवाई के लिए कानूनी सलाहकारों की राय ले रहे हैं। आइपीजी बर्खास्त किए गए 101 पायलटों की बहाली और पायलटों के करियर की प्रगति से जुड़े मुद्दों को हल करने की मांग पर अड़ा है।

बंबई हाई कोर्ट ने शुक्रवार को अदालत के आदेश की अवहेलना कर हड़ताल जारी रखने के लिए आइपीजी को फटकार लगाई। यूनियन की मान्यता खत्म किए जाने के एयर इंडिया के निर्णय को चुनौती देने वाली आइपीजी की याचिका पर सुनवाई करते हुए दो सदस्यीय खंडपीठ ने कहा, 'आपको [आइपीजी] समस्या हो सकती है, लेकिन पहले आप दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश का पालन करें। तब आप अपने मुद्दों को सुलझा सकते हैं। आप इस तरह से आम लोगों को परेशान नहीं कर सकते।'

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