नई दिल्ली: 30 नवंबर के बाद से अबतक देश के 85 फीसदी एटीएम को नए नोटों के हिसाब से तैयार कर लिया गया है। साथ ही सरकार ने बैंकों को ग्रामीण क्षेत्रों में माइक्रो एटीएम सेट अप करने के लिए कहा है ताकि नकदी की किल्लत से निपटा जा सके। यह जानकारी शुक्रवार को संसद में दी गई है।

आपको बता दें कि 30 सितंबर 2016 तक देशभर में 2,11,594 बैंक के एटीएम और 14,324 व्हाइट लेबल एटीएम थे। वित्त राज्यमंत्री संतोष गंगवार ने लोक सभा में अपने लिखित जवाब में बताया कि 30 नवंबर 2016 तक 1,79,614 एटीएम नए नोटों के हिसाब से तैयार कर लिए गए है। गंगवार ने कहा कि सरकार ने बैंकों को यह सलाह दी है कि ग्रामीण इलाकों में नकदी की समस्या से निपटने के लिए माइक्रो एटीएम की व्यवस्था की जाए। उन्होंने लोक सभा को यह भी बताया कि 2 दिसंबर 2016 तक 1,14,036 माइक्रो एटीएम लगा दिए हैं।

जब उनसे एटीएम को सेटअप करने के लिए निर्देश पर सवाल किया गया तो अपने जवाब में उन्होंने कहा शेड्यूल्ड कर्मशियल बैंक (जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों के बैंक शामिल नहीं है), को शाखाओं व एक्सटेंशन काउंटर्स पर एटीएम लगाने के लिए आरबीआई की मंजूरी की जरूरत नहीं होती। शेड्यूल्ड कर्मशियल बैंक आरबीआई के निश्चित शर्तों के तहत ऑफ साइट पर एटीएम लगा सकते है। देश में नॉन बैंक इंटिटीज भी एटीम सेटअप कर सकती है, जिन्हें व्हाइट लेबल बैंक एटीएम कहा जाता है।

अपने एक जवाब में संतोष गंगवार ने यह भी बताया कि अलग-अलग प्रेस अलग अलग कीमतों में बैंक नोट प्रिंट करती हैं। यह अंतर मशीनों की उम्र, प्लांट की क्षमता, ऑटोमेशन का लेवल और मैनपॉवर पर निर्भर करता है।

Posted By: Surbhi Jain

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