नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। सरकार ने गुरुवार को टेलिकॉम सेक्टर की बड़ी कंपनी वोडाफोन-आइडिया लिमिटेड के एफडीआई प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कंपनी राइट इश्यू के जरिए 25,000 करोड़ रुपये तक का विदेशी निवेश (एफडीआई) जुटाना चाहती है।

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की ओर से लिए गए फैसले की घोषणा के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, "कैबिनेट ने वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसमें 5,000 करोड़ से अधिक राशि का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश प्रस्तावित है जो कि 25,000 करोड़ रुपये तक जा सकती है।"

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक वहीं सीसीईए ने वीआईएल की सहायक कंपनियों में अप्रत्यक्ष विदेशी निवेश में प्रस्तावित परिवर्तनों को रिकॉर्ड में रखने के लिए भी मंजूरी दे दी है, जो कि फंड जुटाने में इक्विटी शेयरों की सदस्यता लेने वाले नॉन रेजिडेंट से संबंधित है।

जानकारी के लिए आपको बता दें कि भारत के उभरते दूरसंचार सेवा क्षेत्र में 100 फीसद तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति है, इसमें से 49 फीसद के ऑटोमेटेड रुट से आने की और बाकी के हिस्से के सरकारी माध्यम से निवेश की अनुमति है, जिसमें कुछ शर्तों का पालन करना होता है।

बयान में कहा गया, "हालांकि, मौजूदा एफडीआई नीति और प्रक्रिया पर विचार किया गया है। अगर पहले से अनुमोदित विदेशी/एनआरआई इक्विटी के फीसद में कोई बदलाव नहीं हुआ है तो 5000 करोड़ रुपये से ऊपर की एफडीआई के लिए सरकार की मंजूरी लेना अनिवार्य है।"

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