नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। एयर इंडिया की 76 फीसद हिस्सेदारी बेचने में नाकाम रही सरकार अब महाराजा का दर्जा प्राप्त सरकारी विमानन कंपनी की 100 फीसद हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। माना जा रहा है कि सरकार जल्द बिक्री के लिए आवेदन मंगा सकती है। पहले दौर की हिस्सेदारी बिक्री के दौरान एयर इंडिया को एक भी बिडर से बोली प्राप्त नहीं हुई थी। गौरतलब है कि एयर इंडिया की 76 फीसद हिस्सेदारी बिक्री को विशेषज्ञों ने राष्ट्रीय विमानवाहक कंपनी में रणनीतिक विनिवेश की दिशा में एक बड़ी बाधा करार दिया था।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक आर्थिक मामलों के सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने जानकारी दी है कि एक निश्चित प्रकार की रणनीति की पेशकश की गई थी, जिसे कोई बोलीदाता प्राप्त नहीं हुआ लिहाजा अब कुछ अलग करना होगा। उन्होंने कहा कि यह कोई निश्चित उद्देश्य नहीं है कि सरकार के पास 24 फीसद हिस्सा होना ही चाहिए। इसकी पुन: जांच की जा सकती है। लेनदेन सलाहकार से चर्चा के बाद विनिवेश के तहत 100 फीसद हिस्सेदारी बेचने की चर्चा शुरू हुई है।

इससे पहले सरकार ने जब एयर इंडिया की 76 फीसद हिस्सेदारी बिक्री का फैसला किया था तब उसे कोई भी बोलीदाता प्राप्त नहीं हुआ और इसके लिए बोली प्रक्रिया मई के आखिर में खत्म हो गई थी। ऐसा माना गया कि विमानन कंपनी में 24 फीसद हिस्सेदारी अपने पास रखने का सरकार का फैसला कई संभावित बोलीदाताओं के लिए बड़ी अड़चन साबित हुआ।

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