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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

FY 24 के दूसरी छमाही में सरकार 6.55 लाख करोड़ का लेगी उधार, 20 हजार करोड़ के सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड भी करेगी जारी

By AgencyEdited By: Gaurav Kumar
Published: Tue, 26 Sep 2023 09:18 PM (IST)

सरकार चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में दिनांकित प्रतिभूतियों के जरिए 6.55 लाख करोड़ रुपये उधार लेगी। इस उधार ...और पढ़ें

इस उधार में 20,000 करोड़ रुपये के सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड (SGrBs) को जारी करने भी शामिल है।
इस उधार में 20,000 करोड़ रुपये के सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड (SGrBs) को जारी करने भी शामिल है।

नई दिल्ली, एजेंसी: चालू वित्त वर्ष के दूसरी छमाही में सरकार दिनांकित प्रतिभूतियों (dated securities) के माध्यम से 6.55 लाख करोड़ रुपये का उधार लेगी। इस उधार में 20,000 करोड़ रुपये के सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड (SGrBs) को जारी करने भी शामिल है।

इस वजह से सरकार लेती है उधार

आपको बता दें कि सरकार अपने राजकोषीय घाटे को मुख्य रूप से बाजार उधार के माध्यम से पूरा करती है। सरकार ने वित्त वर्ष 24 के लिए 15.43 लाख करोड़ रुपये की सकल बाजार उधारी का अनुमान लगाया था।

आज वित्त मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया कि

भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 की दूसरी छमाही में दिनांकित प्रतिभूतियों के माध्यम से 6.55 लाख करोड़ रुपये (15.43 लाख करोड़ रुपये का 42.45 प्रतिशत) की शेष राशि उधार लेने का निर्णय लिया है, जिसमें सॉवरेन ग्रीन बांड (एसजीआरबी) जारी करने के माध्यम से 20,000 करोड़ रुपये शामिल हैं।

20 साप्ताहिक नीलामियों से पूरी होगी उधारी

सरकार ने बताया कि 6.55 लाख करोड़ रुपये की सकल बाजार उधारी 20 साप्ताहिक नीलामियों के माध्यम से पूरी की जाएगी। सरकार 3, 5, 7, 10, 14, 30, 40 और 50 साल के अवधि वाली प्रतिभूति जारी करेगी।

51,597 करोड़ के लिए पहले ही हो चुकी है निलामी

वित्त मंत्रालय बताया कि बजटीय (बीई) स्विच राशि के 1,00,000 करोड़ रुपये में से 51,597 करोड़ रुपये की स्विच नीलामी पहले ही आयोजित की जा चुकी है और शेष राशि की स्विच नीलामी दूसरी छमाही में आयोजित की जाएगी।

इसके अलावा, सरकार अपने ग्रीनशू विकल्प का प्रयोग जारी रखेगी और नीलामी नोटिस में सूचीबद्ध प्रत्येक सुरक्षा के लिए 2,000 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त सदस्यता बरकरार रखेगी।

साप्ताहिक उधारी 24 हजार करोड़ होने की उम्मीद

वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में ट्रेजरी बिल जारी करने के माध्यम से साप्ताहिक उधारी 24,000 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है, जबकि तिमाही के दौरान शुद्ध उधारी (-)52,000 करोड़ रुपये होगी।