नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। सरकार ने एक अहम फैसले में विनिवेश प्रक्रिया के तहत 6.5 करोड़ से ज्यादा ‘एनिमी शेयर’ की बिक्री के लिए तैयार किए गए मैकेनिज्म को मंजूरी दे दी। ये शेयर भारत के विभाजन के बाद पाकिस्तान में जाकर बस गए निवेशकों के हैं। सरकार को 996 कंपनियों में इन शेयरों की बिक्री से उनके मौजूदा मूल्य पर करीब 3,000 करोड़ रुपये हासिल होने की उम्मीद है। गुरुवार को कैबिनेट की बैठक में इसके साथ ही सार्वजनिक उपक्रम ड्रेजिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के पूर्ण विनिवेश समेत कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।

कैबिनेट की बैठक के बाद एक बयान में सरकार ने कहा कि दशकों से यूं ही पड़े एनिमी शेयरों की बिक्री से हासिल रकम को विकास कार्यो में लगाया जाएगा। बयान के मुताबिक गृह मंत्रलय/कस्टोडियन ऑफ एनिमी प्रॉपर्टीज ऑफ इंडिया (सीईपीआइ) के पास 996 कंपनियों में 20,323 शेयरधारकों के 6,50,75,877 शेयर पड़े हुए हैं। इनमें 588 कंपनियां इस वक्त चल रही हैं और 139 कंपनियां सूचीबद्ध भी हैं। इन शेयरों की बिक्री से संबंधित अनुमोदन एक वैकल्पिक तंत्र या ऑल्टरनेटिव मैकेनिज्म देता है।

वित्त मंत्री की अध्यक्षता वाले इस तंत्र में गृह मंत्री और सड़क, परिवहन तथा राजमार्ग मंत्री शामिल हैं। एनिमी प्रॉपर्टीज एक्ट, 1968 के मुताबिक किसी भी शत्रु व्यक्ति या कंपनी की तरफ से रखी गई या मैनेज की जा रही संपत्ति को शत्रु संपत्ति में गिना जाता है।

बयान में यह भी कहा गया है कि इन शेयरों की बिक्री से पहले सीईपीआइ यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी अदालत में इनसे संबंधित कोई मुकदमा या मामला तो नहीं चल रहा है। 

Posted By: Nitesh