नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। सरकार ने कपास के जीन संवर्धित (जीएम) बीज मुहैया कराने वाली दिग्गज अमेरिकी कंपनी मोन्सेंटो को घरेलू बीज कंपनियों द्वारा दी जाने वाली रॉयल्टी में मंगलवार को अतिरिक्त 20.4 फीसद की कटौती कर दी है। मोन्सेंटो की भारतीय संयुक्त उपक्रम इकाई मेहिको मोन्सेंटो बायोटेक (एमएमबी) के प्रवक्ता ने सरकार के इस फैसले को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया है। इससे पहले वर्ष 2016 में सरकार ने मोन्सेंटो को दी जाने वाली रॉयल्टी में 70 फीसद से ज्यादा कटौती कर दी थी।

इसके साथ ही सरकार ने घरेलू किसानों के लिए जीएम कपास बीज के दाम में भी 7.5 फीसद की कटौती की है। अब किसानों को 450 ग्राम जीएम कपास बीज के लिए सिर्फ 740 रुपये देने होंगे।

एमएमबी के प्रवक्ता ने कहा, ‘मोन्सेंटो की रॉयल्टी में कटौती का ताजा फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। घरेलू बीज कंपनियों द्वारा दी जाने वाली रॉयल्टी कुल फसल लागत का महज 0.5 फीसद रह गई है। दूसरी तरफ हमारी तकनीक से किसानों की आय में इजाफा होना जारी है।’ प्रवक्ता ने यह भी कहा कि भारतीय कृषि में कपास सफलता की कहानी के रूप में स्थापित हो रहा है, जिसके उत्पादन और निर्यात दोनों में बढ़ोतरी हुई है।

सरकार पिछले कुछ समय से जीएम कॉटन बीज का दाम कम करने के लिए मोन्सेंटो की रॉयल्टी में कटौती पर विचार कर रही थी। इस तरह के संकेत मिलते ही पिछले सप्ताह बीज उत्पादकों के संगठन नेशनल सीड एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनएसएआइ) ने 80 लाख किसानों को बीज आपूर्ति रोकने की धमकी दी थी।

सरकार के ताजा फैसले के बाद मंगलवार को एनएसएआइ के महानिदेशक कल्याण गोस्वामी ने कहा, ‘सरकार के इस फैसले से इस वर्ष बीज आपूर्ति और अगले वर्ष बीज उत्पादन को धक्का लग सकता है। हम इस फैसले के खिलाफ याचिका दायर करने पर विचार कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 के बाद से बीज के दाम को छोड़कर ईंधन, श्रम और सप्लाई चेन के अन्य सभी अवयवों के दाम बढ़े हैं। गौरतलब है कि वर्तमान में देश की 90 फीसद से ज्यादा कपास की फसल जीन संवर्धित है।

Posted By: Surbhi Jain