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नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ब्याज दरों में कटौती किए जाने के फैसले का स्वागत किया है। सरकार ने बुधवार को रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती करते हुए इसे घटाकर 6.25 फीसद कर दिया।

सरकार ने कहा है कि आरबीआई का यह फैसला ''बेहद संतुलित और व्यावहारिक'' है, जिससे अर्थव्यवस्था को मजूबती मिलने के साथ छोटे कारोबार और घर खरीदारों को सस्ते ब्याज पर कर्ज मिलने में आसानी होगी।

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट कर कहा, 'रेपो रेट में 25 आधार अंकों की कटौती करते हुए उसे 6.5 फीसद के 6.25 फीसद करना और नीतिगत रुख को सख्त से सामान्य किए जाने के फैसले से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और छोटे कारोबारी एवं घर खरीदारों को सस्ता कर्ज मिलेगा। साथ ही रोजगार के मौकों में भी बढ़ोतरी होगी।'

मौद्रिक समीक्षा नीति की घोषणा करते हुए आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि निकट भविष्य में महंगाई में और कमी आने का अनुमान है।

आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष में देश की जीडीपी के 7.4 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है और 'कुछ हद तक जोखिम के साथ' वित्त वर्ष 2019-20 की पहली छमाही में इसके 7.5 फीसदी रहने का अनुमान लगाया है।

गौरतलब है कि पिछली बैठक में आरबीआई ने अपने ''सख्त'' मौद्रिक रुख को जारी रखते हुए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था। पिछली बैठक में बैंक ने रेपो रेट को 6.5 फीसद पर बरकरार रखा था।

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Posted By: Abhishek Parashar

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