नई दिल्ली, एजेंसी। वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक संकट को आंखें खोल देने वाला बताया है। ठाकुर ने कहा कि आरबीआइ इससे संबंधित सभी पक्षों पर नजर बनाए हुए है। ऑडिट के स्तर पर हुई चूक को भी जांच के दायरे में लाया गया है। बैंक में पिछले काफी समय से कई तरह की अनियमितताएं बरती जा रही थीं, जिसके चलते यह गंभीर संकट में फंस गया। आरबीआइ ने बैंक पर कई पाबंदियां लगा दी हैं। ठाकुर ने कहा कि पीएमसी को लेकर आ रही खबरें चौंकाने वाली हैं, ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए थी। इस मामले में रेगुलेटर, ऑडिटर, डायरेक्टर तथा मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका पर सवालिया निशान खड़े होते हैं।

अनुराग ठाकुर पंजाब नेशनल बैंक द्वारा आयोजित एक समारोह में बोल रहे थे। पीएमसी संकट को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार हर उस मामले पर नजर बनाए हुए है जो आम आदमी से जुड़ा हुआ है।

यह है हाल

पीएमसी बैंक में वित्तीय गड़बड़ी सामने आने के बाद आरबीआइ ने इस पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी थी। नई पाबंदियों के मुताबिक इसके ग्राहक छह महीनों के भीतर सिर्फ 10,000 रुपये निकाल सकेंगे। इसके अलावा बैंक द्वारा नए लोन बांटने पर रोक लगा दी गई है। पीएमसी में इस समय आम लोगों के करीब 11,000 करोड़ रुपये जमा हैं। बैंक पर कुल 8,880 करोड़ रुपये का कर्ज है। इसमें से 6,500 करोड़ रुपये यानी 73 परसेंट रियल स्टेट कंपनी एचडीआइएल में फंसे हुए हैं, जो कि दिवालिया घोषित हो चुकी है।

Posted By: Pawan Jayaswal

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