नई दिल्ली, पीटीआइ। सरकार वोडाफोन समूह के खिलाफ हारे हुए टैक्स केस के खिलाफ अपील पर फैसला करने से पहले संभवतः ब्रिटेन की Cairn Energy Plc द्वारा 10,247 करोड़ रुपये के रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स को लेकर दायर मामले में मध्यस्थता मंच के निर्णय का इंतजार कर सकती है। सूत्रों ने यह जानकारी दी है। उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा 10,247 करोड़ रुपये का रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स लगाये जाने को Cairn Energy Plc's ने चुनौती दी है। इस मामले में अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता ट्रिब्युनल अगले कुछ दिन में अपना फैसला दे सकती है। 

Cairn मामले के भारत सरकार के खिलाफ जाने पर सरकार को ब्रिटिश कंपनी को 7,600 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करना होगा।  

इन सभी घटनाक्रम से अवगत सूत्रों ने बताया कि मध्यस्थता मंच द्वारा भारत सरकार की टैक्स मांग को माने जाने पर सरकार से समक्ष वोडाफोन के खिलाफ अपील दायर करने को लेकर कुछ बाध्यताएं होंगी। 

हालांकि, Cairn वाले मामले में फैसला सरकार के खिलाफ जाने पर वह निश्चित रूप से अपील के बारे में सोचेगी।

उन्होंने कहा है, सरकार एक हार के खिलाफ अपील करने और दूसरे में अपील नहीं करने का विकल्प नहीं चुन सकती है। वोडाफोन के मामले में भी ऐसा ही होगा। 

सरकार ने पिछले सप्ताह दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया था कि उसने वोडाफोन मामले में अपील को लेकर अब तक कोई निर्णय नहीं किया है।  

सितंबर में अंतरराष्ट्रीय आर्बिट्रेशन कोर्ट ने 22,100 करोड़ रुपये के रेट्रोस्पेक्टिव टैक्स के मामले में भारत सरकार के खिलाफ फैसला सुनाया था।  

भारत के पास इस फैसले को चुनौती देने के लिए 90 दिन यानी 24 दिसंबर तक का समय है। 

Edited By: Ankit Kumar