नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। प्लेन में यात्रा करने वाले लोगों की संख्या में दिनों-दिन इजाफा होता जा रहा है। यही कारण है कि अब बड़े शहरों में दो एयरपोर्ट्स की दरकार महसूस होने लगी है। हवाई यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय भी अब बड़े शहरों में दूसरे एयरपोर्ट की स्थापना पर काम कर रहा है। इसके लिए मंत्रालय द्वारा राज्य सरकारों को एयरपोर्ट स्थापित करने के लिए भूमि अधिग्रहण करने का अनुरोध किया जा रहा है।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआइ) के चेयरमैन गुरुप्रसाद मोहापात्र ने कहा कि विमानन क्षेत्र के विकास को देखते हुए देश के बड़े शहरों में दूसरे एयरपोर्ट की जरूरत है। सरकारी कंपनी एएआइ 125 एयरपोर्ट्स का संचालन करती है। इनमें 11 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट्स हैं।
मोहापात्र ने एक साक्षात्कार में कहा, "एक एयरपोर्ट बनाने के लिए कम-से-कम 2,000 एकड़ जमीन की जरूरत होती है। हम मंत्रालय और एएआइ की तरफ से राज्य सरकारों को पत्र लिख कर दूसरे एयरपोर्ट के लिए शहर के पास भूमि अधिग्रहण करने और उसे निषिद्ध करने के लिए कह रहे हैं, ताकि उस पर कोई निर्माण नहीं हो सके। मुंबई और दिल्ली को दूसरा एयरपोर्ट मिलने जा रहा है। विशाखपत्तनम में भी दूसरा एयरपोर्ट बन सकता है। हम कोलकाता, चेन्नई, पुणे व अन्य शहरों के लिए भी कोशिश कर रहे हैं।

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Posted By: Pawan Jayaswal