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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Gold Price Today: रॉकेट बना सोने का भाव, लेकिन अक्षय तृतीया से पहले कम होने लगे दाम; अगले सप्ताह क्या होगा रेट

By Siddharth PriyadarshiEdited By: Siddharth Priyadarshi
Published: Sun, 16 Apr 2023 02:19 PM (IST)Updated: Sun, 16 Apr 2023 02:35 PM (IST)

Gold Silver Price सोने-चांदी के दाम में आज गिरावट देखने को मिली है। अक्षय तृतीया से पहले ये निवेशकों के ...और पढ़ें

Gold Silver Price Today: Gold price retraces from life time high
Gold Silver Price Today: Gold price retraces from life time high

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। Gold Price Today: लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा सोना पिछले एक हफ्ते से काफी उतार-चढ़ाव के साथ ट्रेड कर रहा है। डॉलर इंडेक्स के अपने एक साल के निचले स्तर 100.80 के स्तर से वापस आने के कारण शुक्रवार को सोने की कीमत में कमी आई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जून 2023 के लिए सोने का वायदा अनुबंध 890 प्रति 10 ग्राम संशोधित हुआ और 60,348 के स्तर पर बंद हुआ।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में पीली धातु की कीमत 1,992.59 डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर पर पहुंचने के बाद 2,003 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई।

यूएस फेड के अधिकारियों की आक्रामक टिप्पणियों के बाद अमेरिकी डॉलर की दर में सुधार हुआ। बाजार के जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 2,000 डॉलर के स्तर से ऊपर बंद होना एक अच्छा संकेत है। हालांकि, उन्होंने कहा कि अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में और गिरावट से सोना और दबाव में आ जाएगा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत 1,980 डॉलर और 1,945 डॉलर के स्तर पर कुशन मिलने की उम्मीद है, जबकि एमसीएक्स पर सोने को 59,700 रुपये प्रति 10 ग्राम और फिर 58,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कुशन मिलने की संभावना है।

डॉलर पर दारोमदार

सोने की कीमतों के ऐतिहासिक ऊंचाई से वापसी के कारण पर बुलियन बाजार के एक्सपर्ट चंदन रमानी कहते हैं कि सप्ताह के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने की कीमतें 61371 रुपये प्रति 10 ग्राम और लगभग 2050 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई। सप्ताह के अंत में डॉलर इंडेक्स में पलटाव ने सोने की चमक को कुछ हद तक कम कर दिया, जिससे यह सप्ताह के लिए मामूली नकारात्मक क्षेत्र में चला गया।

मार्च में अमेरिकी उपभोक्ता कीमतों में 5% की वृद्धि के कारण सोने की कीमतों में शुरुआत में बढ़ोतरी हुई, जो 2 साल में सबसे निचला स्तर था। यहां तक कि कोर की कीमतें लगातार अधिक रहीं। इसके अलावा, अमेरिकी उत्पादक मूल्य सूचकांक फरवरी में 4.9% की तुलना में घटकर 2.7% हो गया। यह दर्शाता है कि मूल्य दबाव ऊंचे बने हुए हैं, लेकिन अब वे अब चार दशक के उच्च स्तर से नीचे आ रहे हैं।

उम्मीद हैं कि यूएस फेड अंततः अपने दर वृद्धि चक्र को समाप्त कर देगा, जिससे डॉलर इंडेक्स में गिरावट आ रही है और सोने की अपील बढ़ रही है।

किस और जाएगा सोने का भाव

निकट अवधि में सोने की कीमत में उतार-चढ़ाव की उम्मीद करते हुए चंदन कहते हैं कि सोने की रैली में अब कमी आने के कुछ संकेत है। डॉलर इंडेक्स में कोई और गिरावट सोने की कीमतों के लिए नकारात्मक होगी, वहां राहत मिलने के आसार हैं। सोने का रेट आने वाले समय में 59,700 प्रति 10 ग्राम और फिर 58,500 प्रति 10 ग्राम मार्क तक गिर सकता है। घरेलू बाजारों से संकेत मिलता है कि 61,500 रुपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर का ब्रेक कीमती धातु के लिए अच्छा होगा और आने वाले दिनों में इसे 62,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक ले जा सकता है।

आज क्या है सोने की कीमत

Today Gold Silver Rates: गुड रिटर्न्स द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, रविवार को सोने की कीमत 22 कैरेट सोने के 1 ग्राम की कीमत कल के 5,665 रुपये से घटकर 5,595 रुपये रह गई। रविवार को 10 ग्राम सोने की कीमत 700 रुपये घटकर 55,950 रुपये हो गई।

रविवार को 24 कैरेट सोने की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली। 24 कैरेट सोने के एक ग्राम की कीमत 6,104 रुपये है। आठ ग्राम और 10 ग्राम सोने की कीमत क्रमशः 48,832 रुपये और 61,040 रुपये है। 100 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 6,10,400 रुपये है।

इस बीच, भारत में चांदी की कीमतों में भी रविवार को मामूली गिरावट दर्ज की गई। शनिवार के 79.60 रुपये की तुलना में एक ग्राम चांदी अब 78.50 रुपये पर है। एक किलो चांदी की कीमत कल की कीमत से 1,100 रुपये कम होकर 78,500 रुपये पर ट्रेड कर रही है।

भारत में कैसे तय होती है सोने की कीमत

भारत में सोने की कीमतें सर्राफा बाजार में प्रतिष्ठित जौहरियों से ली जाती हैं और वैश्विक मांग, मुद्रा, ब्याज दरों और सरकारी नीतियों सहित अन्य कारकों पर आधारित होती हैं। वैश्विक आर्थिक विकास, अन्य मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत आदि पर भी यह काफी निर्भर है।