सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

गौतम अदाणी को सीधे समन नहीं भेज पाएगी अमेरिकी SEC, भारत के कानून मंत्रालय से होकर पड़ेगा गुजरना; सुप्रीम कोर्ट के वकील ने सब बता दिया

Published: Fri, 23 Jan 2026 06:19 AM (IST)Updated: Sat, 24 Jan 2026 03:22 PM (IST)

अमेरिकी SEC गौतम अदाणी और सागर अडानी को $265 मिलियन की रिश्वतखोरी योजना में सीधे समन भेजने की अनुमति मांग ...और पढ़ें

गौतम अदाणी को सीधे समन नहीं भेज पाएगी अमेरिकी SEC, भारत के कानून मंत्रालय से होकर पड़ेगा गुजरना; सुप्रीम कोर्ट के वकील ने सब बता दिया

गौतम अदाणी को सीधे समन नहीं भेज पाएगी अमेरिकी SEC, भारत के कानून मंत्रालय से होकर पड़ेगा गुजरना; सुप्रीम कोर्ट के वकील ने सब बता दिया

HighLights

  1. अमेरिकी SEC गौतम अदाणी को सीधे समन भेजने की कोशिश।

  2. सुप्रीम कोर्ट वकील: भारत सरकार के माध्यम से ही समन वैध।

  3. सीधे भेजे गए समन कानूनी रूप से अमान्य माने जाएंगे।

नई दिल्ली। अमेरिका की रेगुलेटरी बॉडी, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने एक अमेरिकी कोर्ट से कथित $265 मिलियन की रिश्वतखोरी योजना और धोखाधड़ी के मामले में गौतम अदाणी (Gautam Adani) और सागर अडानी को ईमेल के जरिए पर्सनली समन भेजने की इजाजत मांगी है। एजेंसी भारत सरकार को बायपास करके यह समन भेजना चाहती है।

ऐसे में सवाल यह उठता है कि डोनाल्ड ट्रंप की यह एजेंसी भारत के अरबपति गौतम अदाणी को समन भेज सकती है या नहीं? इस मामले के कानूनी दांव पेंच समझने के लिए जागरण बिजनेस की टीम ने सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट अश्वनी दुबे से संपर्क की। उन्होंने इस केस के बारे में हमें यह बताया कि आखिर अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग गौतम अदाणी को भारत  सरकार को बायपास करके नोटिस भेज सकता है या नहीं।

SEC क्या गौतम अदाणी को समन भेज सकती है, सुप्रीम कोर्ट के वकील ने बताया

सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी दुबे ने कहा कि अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) गौतम अदाणी को सीधे समन नहीं भेज सकती। इसके लिए उसे भारत सरकार के माध्यम से ही कार्रवाई करनी होगी। अमेरिकी अदालत SEC को सीधे समन जारी करने का आदेश नहीं देगी। यदि कोई ऐसा आदेश भी जारी होता है, तो वह अमान्य होगा। क्योंकि यदि कोई व्यक्ति भारत सरकार के माध्यम से बिजनेस कर रहा है, तो समन भी भारत सरकार के जरिए ही भेजा जाएगा।

US SEC को भारत सरकार के कानून मंत्रालय के तहत ही उसे गौतम अदाणी को समन भेजना होगा। वह सरकार को बायपास नहीं कर सकती। कानून मंत्रालय से होकर ही उसे गुजरना पड़ेगा। 

सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट अश्विनी दुबे ने कहा, "अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) गौतम अदाणी को सीधे समन नहीं भेज सकती। इसके लिए उसे भारत सरकार के माध्यम से ही कार्रवाई करनी होगी। अगर वह सीधे समन भेजती भी है तो वह मान्य नहीं होगा। अगर गौतम अदाणी की कंपनी का अमेरिका में बिजनेस है तो वह अमेरिकी बिजनेस को समन भेज सकती है।"

US SEC ने ईमेल और उनके अमेरिकी वकीलों के माध्यम से सीधे समन भेजने की मांग की है, क्योंकि भारत सरकार के माध्यम से हैग कन्वेंशन के तहत प्रयास विफल हो चुके हैं।

SEC ने न्यूयॉर्क की फेडरल कोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि भारत की कानून मंत्रालय ने दो बार अनुरोधों को प्रक्रियागत कारणों से अस्वीकार कर दिया है, और अब वह पारंपरिक रास्ते से सफलता की उम्मीद नहीं कर रही। हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, SEC भारत में रहने वाले गौतम अदाणी को सीधे समन नहीं भेज सकती।

गौतम अदाणी पर क्या है आरोप?

नवंबर 2024 में, यूनाइटेड स्टेट्स के प्रॉसिक्यूटर ने आरोप लगाया कि गौतम अदाणी (Gautam Adani) और एक अमेरिकी कंपनी समेत कुछ अन्य लोग भारत में सोलर पावर कॉन्ट्रैक्ट पाने के लिए $250 मिलियन की रिश्वतखोरी की स्कीम का हिस्सा थे। US SEC की शिकायत में कहा गया कि एग्जीक्यूटिव्स ने कंपनी के एंटी-करप्शन तरीकों के बारे में गलत जानकारी देकर अमेरिकी निवेशकों को भी गुमराह किया।

यह भी पढ़ें- यूरोपियन यूनियन ने दो साल के लिए खत्म किया GSP का लाभ, भारत के 87% निर्यात पर लगेगा ज्यादा टैरिफ

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।