सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अमेरिका में अदाणी की कानूनी जंग जीतने की तैयारी, घूसखोरी केस लड़ने के लिए 'ट्रंप के वकील' को अपने काम पर लगाया

Published: Fri, 30 Jan 2026 12:26 PM (IST)Updated: Fri, 30 Jan 2026 12:38 PM (IST)

गौतम अदाणी ने अमेरिका में SEC के आरोपों से बचाव के लिए डोनल्ड ट्रंप का केस लड़ने वाले वकील रॉबर्ट ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. अडानी ने SEC आरोपों के लिए ट्रंप के वकील को चुना।

  2. वकील रॉबर्ट गिउफ्रा जूनियर ने मुकदमे को स्वीकार किया।

  3. SEC ने अडानी पर $250 मिलियन रिश्वत का आरोप लगाया।

नई दिल्ली। अमेरिका में SEC (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन) के आरोपों से घिरे भारतीय उद्योगपति गौतम अदाणी ने अब अपने बचाव के लिए एक बड़ा दांव चला है। अदाणी ने वॉल स्ट्रीट के उस दिग्गज वकील को अपने साथ जोड़ा है, जो अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप का केस लड़ रहे हैं।

कौन हैं वो अदाणी के वकील?

कोर्ट फाइल्स के मुताबिक, गौतम अदाणी ने मशहूर लॉ फर्म सुलिवन और क्रॉमवेल (Sullivan & Cromwell) के को-चेयर रॉबर्ट गिउफ्रा जूनियर (Robert Giuffra Jr.) को अपना वकील नियुक्त किया है। गिउफ्रा कोई आम वकील नहीं हैं। वे वर्तमान में डोनाल्ड ट्रम्प की क्रिमिनल कनविक्शन को चुनौती देने वाले केस पर काम कर रहे हैं। उन्होंने वोल्कवैगन (Volkswagen) और गोल्डमैन सैक्स Goldman Sachs जैसे बड़े दिग्गजों का बचाव किया है। 2025 में उन्हें सिक्योरिटी लिटिगेटर ऑफ द ईयर (Securities Litigator of the Year) का अवॉर्ड भी मिल चुका है।

मामला क्या है और अब क्यों आई तेजी?

यह मामला पिछले एक साल से लटका हुआ था क्योंकि दोनों अदाणी (गौतम और उनके भतीजे सागर) भारत में हैं। SEC का आरोप है कि अदाणी ने झूठे दावे करके अमेरिकी निवेशकों को गुमराह किया और भारत में सोलर पावर कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए $250 मिलियन (करीब 2300 करोड़ रुपये) की रिश्वत की योजना बनाई।

पिछले हफ्ते SEC ने अमेरिकी जज से गुहार लगाई थी कि उन्हें ईमेल या अन्य वकीलों के जरिए अदाणी को समन (नोटिस) भेजने की इजाजत दी जाए, क्योंकि भारत सरकार से उन्हें मदद नहीं मिल पा रही थी।

SEC के इस कदम की खबर आते ही 23 जनवरी को अदाणी ग्रुप के शेयरों में गिरावट आई और $13 बिलियन की मार्केट वैल्यू साफ हो गई थी।

अदाणी ने क्या दिया जवाब

SEC की सख्ती को देखते हुए, रॉबर्ट गिउफ्रा ने एजेंसी से संपर्क किया। उन्होंने कहा कि वे गौतम अदाणी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और मुकदमे को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। गिउफ्रा ने कोर्ट से बातचीत के लिए और समय माँगा है ताकि यह तय किया जा सके कि आगे की कानूनी प्रक्रिया कैसे चलेगी।

अमेरिकी जिला न्यायाधीश निकोलस गारौफिस शुक्रवार को SEC की समन भेजने की मांग पर फैसला सुनाने वाले हैं। अदाणी ग्रुप अब पूरी तरह से अमेरिकी वकीलों के जरिए इस केस का सामना करने की तैयारी में है।

अदाणी समूह के प्रतिनिधि ने एसईसी के मुकदमे में चल रहे घटनाक्रम पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की। गौतम अदाणी समूह के अध्यक्ष हैं और सागर अदाणी अदाणी ग्रीन एनर्जी में कार्यकारी निदेशक हैं। एसईसी ने न तो समूह और न ही उसकी किसी कॉर्पोरेट इकाई पर मुकदमा दायर किया है।

यह भी पढ़ें: गौतम अदाणी के खिलाफ अमेरिकी SEC ने उठाया बड़ा कदम, भारत सरकार को बायपास कर सीधे समन भेजने की तैयारी