नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। चालू वित्त वर्ष (2017-18) में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 6.5 फीसद रहने का अनुमान जताया गया है। इसमें कृषि ग्रोथ के 4.9 से घटकर 2.1 फीसद रहने का अनुमान जताया गया है। वहीं माइनिंग ग्रोथ के 2.9 फीसद रहने का अनुमान लगाया गया है। जीडीपी ग्रोथ के अलावा जीवीए के 6.1 फीसद पर रहने का अनुमान जताया गया है। ये आंकड़े केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) की ओर से आज (शुक्रवार) जारी किए गए हैं।

बीते पांच वर्षों में जीडीपी अनुमान के आंकड़े:

वित्त वर्ष जीडीपी अनुमान
FY18 6.5%
FY17 7.1%
FY16 8.0%
FY15 7.5%
FY14 6.4%

सेक्टर वाइज हाल: अगर सेक्टर वाइज बात की जाए तो स्थिति कुछ मिली जुली रह सकती है। वित्त वर्ष 2018 में एग्रीकल्चर ग्रोथ 2.1 फीसद रह सकती है जो कि वित्त वर्ष 2017 के दौरान 4.9 रही थी। वहीं वित्त वर्ष 2018 में मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ 4.6 रह सकती है जो कि वित्त वर्ष 2017 में 7.9 फीसद रही थी। वहीं  ट्रेड एंड होटल्स और माइनिंग सेक्टर में तेजी देखने को मिल सकती है। 

सेक्टर वित्त वर्ष (FY18) वित्त वर्ष (FY17)
एग्रीकल्चर 2.1% 4.9%
मैन्युफैक्चरिंग 4.6% 7.9%
ट्रेड एंंड होटल 8.7% 7.8%
फाइनेंस एंड रियल एस्टेट 7.3%  
माइनिंग 2.9% 1.8%
कंस्ट्रक्शन 3.6% 1.7%

क्या बोले मुख्य सांख्यिकीविद् टीसीए अनंत: टीसीए अनंत ने कहा कि ग्रोथ पर जीएसटी का असर साफतौर पर दिखा है। शुरुआती तिमाहियों में ग्रोथ पर जीएसटी का असर देखने को मिला है। हालांकि अनंत ने उम्मीद जताई है कि हम FY18 के बजट लक्ष्यों को पूरा कर लेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रोथ में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। मैन्युफैक्चरिंग के अनुमान को देखते हुए उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों में जीएसटी का असर शामिल है।

Posted By: Surbhi Jain

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप