जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कोयला घोटाले की आंच और सहयोगियों के दबाव के चलते संप्रग सरकार को पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें बढ़ाने का फैसला फिर टालना पड़ा। मौजूदा राजनीतिक हालात के मद्देनजर कांग्रेस कोर कमेटी ने इस बढ़ोतरी के खिलाफ मंगलवार को वीटो लगा दिया। ममता बनर्जी और दूसरे सहयोगियों के तेवर देखते हुए सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों में वृद्धि के लिए प्रस्तावित राजनीतिक मामलों पर मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीपीए) की बैठक अंतिम समय में टाल दी।

प्रधानमंत्री निवास पर हुई कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक में तय किया गया कि डीजल, केरोसीन व एलपीजी के दाम बढ़ाने का फैसला दो-तीन दिन और टाला जाए। इसके तगड़े संकेत हैं कि अगले दो दिनों के भीतर पेट्रोल में चार रुपये, डीजल में तीन रुपये प्रति लीटर और रसोई गैस में 25 रुपये प्रति गैस सिलेंडर की वृद्धि करने का फैसला किया जा सकता है। कोर कमेटी से पहले पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री जयपाल रेड्डी ने संभावित मूल्य वृद्धि पर मंगलवार को वित्त मंत्री पी चिदंबरम से भी मुलाकात की। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की मौजूदगी में हुई कोर कमेटी की बैठक में सदस्य मौजूदा हालात में तेज पेट्रो मूल्य वृद्धि के लिए तैयार नहीं थे।

एक सदस्य का सुझाव था कि फिलहाल सिर्फ पेट्रोल की कीमतें ही बढ़ाई जानी चाहिए। डीजल व रसोई गैस को महंगा करने के लिए अभी थोड़ा और इंतजार किया जाना चाहिए। सहयोगी दलों की आपत्तियों का खास तौर पर जिक्र किया गया। तृणमूल सुप्रीमो व बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस मूल्य वृद्धि के बिल्कुल खिलाफ हैं। जिस समय कैबिनेट मंत्री देश भर में घूम- घूम कर कोयला आवंटन मुद्दे पर सरकार का पक्ष रख रहे हैं। वैसे में कीमत बढ़ाने से सरकार पर विपक्षी दलों के साथ-साथ सहयोगी भी हमलावर हो सकते हैं।

वैसे रेड्डी को उम्मीद है कि अगले एक-दो दिनों के भीतर मूल्य वृद्धि पर फैसला हो जाएगा। उन्होंने कहा, 'पेट्रो उत्पादों की खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी को अब टाला नहीं जा सकता। यह वृद्धि कितनी होगी मैं नहीं बता सकता। मुझे यह भी नहीं मालूम कि यह वृद्धि कल होगी या एक हफ्ते बाद। अगर मेरे हाथ में इस बारे में फैसला करना होता तो मैं यह कल ही कर लेता।'

सूत्रों के मुताबिक पेट्रोलियम मंत्रालय की तरफ से कैबिनेट को मूल्य वृद्धि को लेकर एक नया प्रस्ताव सोमवार रात को भेजा गया। इसमें महंगे होते कच्चे तेल और रुपये की कीमत में गिरावट को देखते हुए पेट्रो उत्पादों की खुदरा कीमत में भारी वृद्धि करने की बात कही गई है। आसार हैं कि सीसीपीए की आगामी बैठक में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में वृद्धि किए जाने पर सहमति बन सकती है।

क्या है रेड्डी का प्रस्ताव

1. पेट्रोल में पांच, डीजल में छह और रसोई गैस में सौ रुपये तक हो वृद्धि

2. एक परिवार को साल में सब्सिडी वाले सिर्फ चार से छह गैस सिलेंडर ही मिलें

3. पचास हजार से ज्यादा आमदनी वाले वर्ग को बंद हो सब्सिडी वाली रसोई गैस

4. पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क में की जाए कटौती

तेल कंपनियों की माली हालत

1. पेट्रोल पर छह और डीजल पर 19 रुपये प्रति लीटर का हो रहा घाटा

2. गैस सिलेंडर पर 347 रुपये व केरोसीन प्रति लीटर 34 रुपये का नुकसान

3. कारोबार चलाने के लिए अब उधारी मिलने में भी आ रही दिक्कत

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