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देश भर में एनालॉग पनीर बैन करने की तैयारी, स्कूलों के आसपास नहीं बिकेगा जंक फूड; ऑनलाइन फूड पर भी चला FSSAI का चाबुक!

Published: Fri, 04 Sep 2026 07:27 PM (IST)Updated: Fri, 04 Sep 2026 08:26 PM (IST)

FSSAI देशभर में एनालॉग पनीर की बिक्री पर रोक लगाने की तैयारी में है, जिसके लिए 8 राज्यों ने पहले ...और पढ़ें

पूरे देश में एनालॉग पनीर पर रोक लगाने की तैयारी

पूरे देश में एनालॉग पनीर पर रोक लगाने की तैयारी

HighLights

  1. FSSAI देशभर में एनालॉग पनीर की बिक्री पर लगाएगा प्रतिबंध।

  2. स्कूलों के 50 मीटर दायरे में जंक फूड बिक्री पर लगेगी रोक।

  3. ऑनलाइन फूड प्लेटफॉर्म्स के लिए भी सख्त नियम लागू होंगे।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| देश में इन दिनों प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड आयटम्स के साथ ही सभी तरह के खाने-पीने को लेकर नियम में सख्ती देखी गई है। अब फूड सेफ्टी अथॉरिटी ऑफ इंडिया देशभर में एनालॉग पनीर की बिक्री पर रोक लगाने की तैयारी में है। इसके साथ ही स्कूलों के आस-पास जंक फूड की बिक्री को भी सीमित किया जा सकता है।

फूड सेफ्टी अथॉरिटी ऑफ इंडिया के CEO राजित पुनहानी ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि एनालॉग पनीर पर 8 राज्यों ने रोक लगाई है। इन राज्यों में महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और उत्तराखंड शामिल हैं। अब FSSAI देशभर में एनालॉग पनीर को बैन करने पर जोर दे रही है।

स्कूलों के आसपास जंक फूड बेचने पर पाबंदी

FSSAI का अगला कदम बच्चों के स्वास्थ्य को गंभीरता से लेना है। इसके लिए स्कूलों के आसपास हाई फैट, हाई शुगर और हाई सॉल्ट (HFSS) फूड की बिक्री रोकने के लिए भी ड्राफ्ट नियम की तैयारी की जा रही है। इस प्रस्ताव के तहत स्कूलों से 50 मीटर के दायरे में ऐसे फूड आयटम्स की बिक्री पर रोक लगाने की प्लानिंग है।

इस पहल का मकसद बच्चों को कम पौष्टिक और ज्यादा फैट, नमक या शुगर वाले खाने से दूर करना और उनके लिए बेहतर फूड एनवायरनमेंट तैयार करना है। बता दें कि यह कदम FSSAI के ईट राइट कैंपेन (Eat Right Campaign) का हिस्सा है। हालांकि महाराष्ट्र और दिल्ली जैसे शहरों में स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में जंक फूड की बिक्री और विज्ञापन पर रोक लगाई जा चुकी है।

क्विक-कॉमर्स ऐप्स के लिए भी बने नियम

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की तैयारी अब सिर्फ दुकानों और ऑनलाइन शॉप तक ही सीमित नहीं है बल्कि क्विक-कॉमर्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बिकने वाले खाने-पीने के सामानों पर भी सख्त नियम बना दिए गए हैं। बता दें कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कई बार मैन्युफैक्चरिंग डेट और एक्सपायरी डेट साफ तौर पर दिखाई नहीं देती। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अब कंपनियों और प्लेटफॉर्म्स को इन तारीखों को स्पष्टता के साथ दिखाने पर भी नियम बन सकता है।

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एफएसएसएआई की नजर सिर्फ ऑफलाइन दुकानों पर नहीं है, क्विक-कॉमर्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बिकने वाले खाने-पीने के सामानों पर भी है. रिपोर्ट के मुताबिक, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर कई बार मैन्युफैक्चरिंग डेट और एक्सपायरी डेट साफ तौर पर दिखाई नहीं देती. एफएसएसएआई अब कंपनियों और प्लेटफॉर्म्स को इन तारीखों को ज्यादा प्रमुखता से दिखाने के लिए कह रही है.