नई दिल्ली, पीटीआइ। Fortune Global 500 सूची में देश के सबसे बड़े कर्जदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआइ) ने बड़ी छलांग लगाई है। इस वर्ष की सूची में बैंक 16 पायदान चढ़कर 205वें स्थान पर आ गया। बैंक पिछले वर्ष भी इस सूची में 15 पायदान चढ़ा था। वहीं, देश की सबसे मूल्यवान कंपनी और एशिया के सबसे बड़े धनकुबेर मुकेश अंबानी नियंत्रित रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआइएल) इस वर्ष की सूची में 59 पायदान फिसलकर शीर्ष 100 से बाहर हो गई है।

कंपनी को इस वर्ष की सूची में 155वां स्थान मिला है। सूची में 524 अरब डालर राजस्व के साथ अमेरिकी रिटेल दिग्गज वालमार्ट लगातार आठवें वर्ष और 1995 के बाद 16वीं बार पहले स्थान पर काबिज है। चीन की स्टेट ग्रिड 384 अरब डालर राजस्व के साथ सूची में दूसरे स्थान पर है।फाच्र्यून-500 की नवीनतम ग्लोबल सूची में तीसरे स्थान पर रही अमेरिकी आनलाइन रिटेलिंग कंपनी अमेजन ने चीन की चाइना नेशनल पेट्रोलियम को चौथे स्थान पर धकेल दिया है।

पांचवें स्थान पर चीन का सिनोपेक ग्रुप है। छठे स्थान पर रही एपल को पिछले वर्ष सबसे ज्यादा लाभ हुआ है। सूची के अनुसार पिछले वर्ष कोरोना संकट के चलते आरआइएल का राजस्व 25.3 फीसद गिरकर 63 अरब डालर रह गया। अन्य पेट्रोलियम कंपनियों को हुआ नुकसान भी सूची में झलकता है। आयल एंड नेचुरल गैस कारपोरेशन (ओएनजीसी) इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले 53 पायदान गिरकर 243वें तथा राजेश एक्सपो‌र्ट्स 114 स्थान फिसलकर 348वें पायदान पर चली गई।

ताजा सूची के अनुसार फाच्र्यून-500 कंपनियों का कुल राजस्व पिछले वर्ष पांच फीसद गिरकर 31.7 लाख करोड़ डालर रहा, जो दुनियाभर की जीडीपी के एक-तिहाई से अधिक है। इन कंपनियों का लाभ भी 20 फीसद गिरकर 1.6 लाख करोड़ डालर रहा। इन कंपनियों ने पिछले वर्ष दुनियाभर में 6.97 करोड़ लोगों को रोजगार दिया। समाचार एजेंसी आइएएनएस के अनुसार कोरोना संकट के चलते इन कंपनियों के लाभ में वर्ष 2009 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

Edited By: Nitesh