US Fed ने नहीं बढ़ाई ब्याज दरें, क्या शेयर बाजार में आएगी तेजी; एक्सपर्ट से समझें इस फैसले का क्या असर होगा?
अमेरिकी सेंट्रल बैंक, यूएस फेडरल रिजर्व ने अपनी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, इन्हें 4% पर बरकरार ...और पढ़ें

HighLights
यूएस फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को 4% पर स्थिर रखा।
यूएस फेड ने कहा महंगाई अभी भी ऊंचे स्तर पर है।
भविष्य में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का संकेत दिया।
नई दिल्ली। अमेरिकी सेंट्रल बैंक, यूएस फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है, और दरें 4 फीसदी पर बरकरार रखी हैं। FOMC ने फेडरल रिजर्व के दोहरे अधिदेश के समर्थन में, फेडरल फंड्स रेट की लक्षित सीमा को 3-3/4 से 4 प्रतिशत पर बनाए रखने का निर्णय लिया। इसके साथ ही कमेटी ने बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त रिजर्व बनाए रखने की अपनी नीति को भी जारी रखा है।
चूंकि, यूएस फेड पॉलिसी के फैसले का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर देखने को मिलता है। ऐसे में भारतीय शेयर मार्केट पर इसका क्या असर होगा, एक्सपर्ट ने यह बताया है।
गिरेंगे या चढ़ेंगे भारतीय बाजार?
एक्सपर्ट की मानें तो फेडरल रिजर्व के नीतिगत फैसले का भारतीय शेयर बाजार पर कोई असर पड़ने की संभावना नहीं है, क्योंकि इस फैसले में ब्याज दरों को स्थिर रखकर किसी भी तरह के नेगेटिव सरप्राइज से राहत मिली है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी. के. विजयकुमार ने कहा, "बाजार ने पहले ही 'पॉज़' (विराम) को मान लिया है, इसलिए इसका कोई खास असर पड़ने की संभावना नहीं है। बाजार में एक सकारात्मक रुझान यह है कि 'वैल्यू बाइंग' देखने को मिल रही है, क्योंकि बाजार के कई सेगमेंट अब आकर्षक कीमतों पर उपलब्ध हो रहे हैं।"
बाजार का ध्यान सिर्फ तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिका में बढ़ती बॉन्ड यील्ड पर है - ये दोनों ही बातें भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी नकारात्मक हैं।
यूएस फेड मीटिंग की मुख्य बातें
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को 3.75%-4.00% की रेंज में स्थिर रखा है।
- यह फैसला अमेरिका में होने वाले अहम मध्यावधि चुनावों से एक हफ्ते से भी कम समय पहले आया है। इन चुनावों से तय होगा कि
- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का कांग्रेस पर नियंत्रण बना रहता है या नहीं।
- फेड ने माना कि महंगाई 'अभी भी ऊंचे स्तर पर है'। साथ ही, अर्थव्यवस्था को लेकर अपने आकलन को बेहतर करते हुए संकेत दिया कि महंगाई के प्रदर्शन के आधार पर आगे और भी बढ़ोतरी की जा सकती है।
- फेड चेयरमैन केविन वॉर्श ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों को बताया कि इस फैसले में राजनीति की कोई भूमिका नहीं है।
