नई दिल्ली, पीटीआइ। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि 10 पब्लिक सेक्टर बैंकों के विलय की प्रक्रिया तय कार्यक्रम के मुताबिक चल रही है। केंद्र सरकार ने पिछले साल 10 सरकारी बैंकों के विलय के जरिए चार बड़े बैंकों के गठन की घोषणा की थी। सीतारमण ने कहा कि बैंकों के विलय को लेकर किसी तरह की अनिश्चितता नहीं है। वित्त मंत्री ने साथ ही कहा कि सरकार Coronavirus संक्रमण के इकोनॉमी पर पड़ने वाले प्रभाव पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा, ''सरकार कोरोनोवायरस संक्रमण के इकोनॉमी पर होने वाले असर पर करीबी निगाह रख रही है।'' 

चीन में Novel Coronavirus 2019 (COVID-19) के कारण 2,700 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इससे करीब 80,000 लोग अब भी संक्रमित बताए जा रहे हैं। इस वायरस के महामारी का रूप लेने के कारण भारतीय एयरलाइन्स सहित दुनिया भर की कई विमानन कंपनियों ने दूसरे देशों के लिए कुछ फ्लाइट को रद्द कर दिया है।    

नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले साल अगस्त में United Bank of India और Oriental Bank of Commerce का विलय Punjab National Bank में करने का ऐलान किया था। यह विलय एक अप्रैल, 2020 से अमल में आना है। इस प्रस्तावित विलय के साथ गठित होने वाला बैंक भारत का पब्लिक सेक्टर का दूसरा सबसे बड़ा बैंक होगा। 

सरकार ने Syndicate Bank का विलय Canara Bank में और Allahabad Bank का विलय Indian Bank में करने की घोषणा की थी। इसी तरह Andhra Bank एवं Corporation Bank का विलय Union Bank of India में किए जाने की योजना है। 

सीतारमण का बैंकों के विलय प्रक्रिया को लेकर यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ रिपोर्ट्स में इस तरह  के कयास लगाये जा रहे हैं कि इस ऐलान को अमल में लाने की तारीख को कुछ महीनों के लिए टाला जा सकता है। 

उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2019 में बैंक ऑफ बड़ौदा में विजया बैंक और देना बैंक का विलय प्रभावी हो गया था। इससे पहले अप्रैल 2017 में SBI के पांच सहयोगी बैंकों का विलय भारतीय स्टेट बैंक में हो गया था।

Posted By: Ankit Kumar

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