नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। इंश्योरेंस पॉलिसी बुरे समय में आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है। पहले के समय में परिवार के पास केवल जीवन बीमा हुआ करता था। लेकिन अब समय बदल चुका है। समय के साथ-साथ अनिश्चितताएं भी बढ़ती जा रही है। ऐसे में विभिन्न तरह के जोखिमों से खुद को सुरक्षित रखने के लिए तरह तरह के इंश्योरेंस कवर होने चाहिए।

आपने सोचा है कभी कि किसी बीमारी के पता लगने पर क्या आपका जीवन बीमा इसे कवर करता है? इस स्थिति में इसका जवाब ‘नहीं’ है। इसके लिए हेल्थ इंश्योरेंस की जरूरत होती है। इसी तरह अगर बीमाधारक की मृत्यु हो जाती है तो टर्म इंश्योरेंस में परिवार को लंपसम राशि मिल जाती है। इस तरह की इंश्योरेंस पॉलिसी किसी भी आकस्मिक स्थिति में आपकी आर्थिक रूप से मदद करती है।

जानिए ऐसी इंश्योरेंस पॉलिसी के बारे में जो समय-समय पर आपको आर्थिक मदद मुहैया कराने में सफल रहती हैं-

जीवन बीमा-

किसी भी व्यक्ति के पोर्टफोलियो में प्योर टर्म प्लान जरूर होना चाहिए। सही समय पर टर्म इंश्योरेंस प्रोडक्ट की खरीद आपको मृत्यु, बीमारी या अक्षमता जैसी स्थिति में मदद करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि टर्म प्लान उम्र के हिसाब से खरीदना चाहिए। उदाहरण के तौर पर अगर 25 वर्षीय व्यक्ति 10 लाख रुपये सालाना कमा रहा है तो बेसिक टर्म प्लान एक करोड़ रुपये (सालाना आय का 10 गुना) का होना चाहिए। लेकिन उम्र को ध्यान में रखते हुए इस स्थिति में टर्म प्लान की राशि 3.5 करोड़ रुपये होनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि 25 वर्षीय व्यक्ति को अगले 35 वर्ष काम करना है।

हेल्थ कवर-

नियोक्ता की ओर से मिलने वाले हेल्थ इंश्योरेंस के अलावा भी आपको खुद से स्वास्थ बीमा खरीदना चाहिए। पति-पत्नी का कम से कम पांच लाख रुपये का हेल्थ इंश्योरेंस और 20 लाख रुपये का अतिरिक्त टॉप अप या सुपर टॉप-अप होना चाहिए। इस हिसाब से कुल इंश्योर्ड राशि 25 लाख रुपये की हो जाएगी।

अपने वाहने के लिए बीमा-

किसी भी वाहन की खरीद के दौरान थर्ड पार्टी बीमा लेना अनिवार्य है। इसके अलावा आप एड ऑन को देख सकते हैं जैसे इंजन के लिए प्रोटेक्शन कवर, रोड असिस्टैंसकवर और जीरो डेप्रिसिएशन कवर आदि।

पेंशन पॉलिसी का करें चयन-

ऊपर बताई गई सभी पॉलिसी बीमारी या मृत्यु के दौरान काम आती है लेकिन पॉलिसीधरक के पास रिटायरमेंट के लिए भी पेंशन पॉलिसी होनी चाहिए। पेंशन प्लान की मदद से लंबे समय तक अपनी रिटारमेंट के लिए बचत की जा सकती है। हालांकि लोग विभिन्न जगहों पर निवेश करते हैं लेकिन पोर्टफोलियो में पेंशन प्लान भी होना चाहिए।

बच्चों की पढ़ाई के लिए पॉलिसी-

चाइल्ड इंश्योरेंस प्लान में भी निवेश करना चाहिए। अधिकांश लोगों का मानना है कि म्युचुअल फंड बच्चों की पढ़ाई के लिए निवेश के लिहाज से सबसे अच्छे हैं। लेकिन कई बार लोग इनका इस्तेमाल वेकेशन जैसी चीजों के लिए कर लेते हैं।

Posted By: Surbhi Jain