नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष में 7.1 फीसद की दर से वृद्धि करेगी जबकि अगले दो वित्त वर्ष में यह बढ़कर 7.7 फीसद तक रहेगी। यह बात ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच ने कही है। हालांकि अमेरिका की रेटिंग एजेंसी ने तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के लिये 7 फीसद जीडीपी वृद्धि दर को ’चकित करने वाला’ बताया है। बीती तिमाही में यह 7.4 फीसद थी।

फिच ने कहा, ‘‘नोटबंदी के बाद खपत और सेवा गतिविधियों के कमजोर डेटा के चलते तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में 7 फीसद की विकास दर थोड़ी चकित करने वाली है।” एजेंसी का कहना है कि नोटबंदी के चलते हुई नकदी की किल्लत की वजह से देश में आर्थिक गतिविधियां बुरी तरह से प्रभावित हुई हैं। दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में यह दर 7.4 फीसद थी।

एजेंसी का मानना है कि देश की जीडीपी दर 2016-17 में 7.1 फीसद रहेगी जो वित्त वर्ष 2017-18 और 2018-19 में बढ़कर 7.7 फीसद तक हो जाएगी। फिच ने साथ ही यह भी कहा कि दिसंबर तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े बताते हैं कि नकदी की समस्या से आर्थिक गतिविधियों पर बहुत प्रभाव नहीं पड़ा।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने बीते साल आठ नवंबर को नोटबंदी का फैसला किया था, जिसके तहत बाजार में प्रचलित 86 फीसद करेंसी (500 और 1000 रुपये के नोट) अमान्य कर दी गई थी। इस मामले में फिच ने कहा कि हो सकता है कि सरकारी आंकड़ा नोटबंदी के नकारात्मक असर को शामिल करने में सक्षम नहीं हो। हालांकि संगठित क्षेत्र आश्चर्यजनक तरीके से मजबूत बना रहा।

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