नई दिल्ली: नोटबंदी के असर के चलते साल 2017 में रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की बिक्री में 20 से 30 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। यह अनुमान रेटिंग एजेंसी फिच ने लगाया है। अपनी रिपोर्ट “2017 आउटलुक: एशिया पैसिफिक कॉर्पोरेट” में एजेंसी ने इंडियन हाउसिंग सेक्टर की आउटलुक को बदलकर स्टेबल से निगेटिव कर दिया है।

फिच ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “भारत में नवंबर 2016 को लिए गए नोटबंदी के फैसले (500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बैंकों में वापस लेने) के बाद हमने भारतीय बिल्डर्स की सेक्टर आउटलुक को स्टेबल से निगेटिव कर दिया है।” एजेंसी ने कहा कि अघोषित संपत्ति से पर्दा हटाने के इरादे (लक्ष्य) से लिए गए इस फैसले का असर घरेलू मांग पर पड़ा है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, फिच को उम्मीद है कि इस साल

ज्यादातर भारतीय बिल्डरों के आवासीय संपत्ति की बिक्री में कम से कम 20-30 फीसदी की गिरावट देखने को मिल सकती है। इसमें कहा गया है कि एपीएसी में साल 2016 के दौरान सिर्फ चीन के घरेलू भवन निर्माताओं (होम बिल्डर्स) से जुड़ा क्षेत्र ही सकारात्मक दृष्टिकोण वाला था। रिपोर्ट में कहा गया, “आवासीय संपत्तियों के लिए सट्टा और निवेश मांग पर शिकंजा कसने को हमने इसे तटस्थ रखने के लिए संशोधित किया ताकि नीतिगत रुप से किया गया हस्तक्षेप प्रतिबिंबित हो सके।” वहीं चीन के हाउसिंग सेक्टर के लिए फिच ने 15 फीसदी की गिरावट का अनुमान लगाया है।

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